Published On : Tue, Sep 2nd, 2014

उमरखेड : भ्रष्ट कर्मचारियों की जांच नहीं होने पर महिला सरपंच का इस्तीफा

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उमरखेड (यवतमाल)

ग्रामसेवक, अभियंता और रोजगार सेवक ने नियमों का उलंघन कर और बिना सरपंच को पूछे अनियमित काम किए . इस संदर्भ में शिकायत भी पंचायत समीति के पास दर्ज की गयी. एक माह होने के बावजूद भी कोई जांच नहीं होने पर सरपंच पद का इस्तीफा स्विकार करे ऐसा अनुरोध मानकेश्वर की सरपंच कुसुमबाई पतंगे ने मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से किया है.

मानकेश्वर गांव के अनेक काम सरपंच को बिना बताये किये है. ग्रामसेवक,पं.स.अभियंता और ग्राम स्वयंरोजगार ने कुआं, घरकुल, शौचालय निर्माण का कार्य ना करते हुए निधि निकाल लिया और ग्रामसेवक महिला सरपंच को विश्वास में ना लेते हुए नियमों की धज्जियां उड़ाकर काम कर रहे है. इस संदर्भ में शिकायत सरपंच कुसुमबाई अशोकराव पतंगे ने 1 अगस्त को गटविकास अधिकारी को की थी. इस शिकायत में उच्चस्तरीय जांच कर कारवाई करने की मांग की गयी थी. लेकिन शिकायत करने के बाउजूद एक माह हो गया और जांच नहीं हुई.

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सरपंच पद का मजाक बनते देख महिला सरपंच कुसुमबाई पतंगे ने इस्तीफा मुख्यमंत्री और ग्रामविकास मंत्रियों को भेजा और आरोप लगाया की प्रशासन भी अपने कर्मचारियों के भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है. पुरुष और महिला में समानता लाने के लिए शासन प्रयत्नशील है लेकिन कर्मचारीयों की भ्रष्टवृत्ति से तंग आकर महिला सरपंच ने इस्तीफा देने से खलबल मची है.

Representational Pic

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