Published On : Fri, Jul 11th, 2014

काटोल : आपातकालीन फसल विनियोजन कार्यक्रम घोषित


कृषि अधिकारियों ने दी किसानों को अनेक सलाह

काटोल

डेढ़ महीने से बारिश गायब है. कुछ किसानों ने अल्प बारिश पर ही बुआई कर ली. बारिश के अभाव में महंगे बीज, महंगी खाद और अन्य खर्च के बेकार जाने की आशंका सिर उठाने लगी है. इस संकट काल में सावधानी बरतने की दृष्टि से तालुका कृषि कार्यालय ने आपातकालीन फसल विनियोजन कार्यक्रम की घोषणा की है.

बारिश के मुंह फेर लेने के चलते डॉ. पंजाबराव कृषि विद्यापीठ अकोला के संशोधन संचालक डॉ. इंगोले ने नागपुर जिले में हुई कार्यशाला में कुछ आवश्यक निर्देश दिए. कार्यशाला में बताया गया कि तालुका में 30 जून तक 155 मि. मी. बारिश की जरूरत होती है, मगर अभी तक केवल 56 मि. मी. बारिश ही पड़ी है. किसानों ने केवल 36 फीसदी बारिश होने के बावजूद बुआई कर ली. तालुका कृषि अधिकारी बबन जुनघरे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि काटोल तालुका में 12555 हेक्टेयर क्षेत्र यानी कुल 15 प्रतिशत क्षेत्र में बुआई हुई है. इसमें 8027 हेक्टेयर क्षेत्र में कपास, 3153 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन, 871 हेक्टेयर क्षेत्र में तुअर, 220 हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली और 82 हेक्टेयर क्षेत्र में अन्य फसलें एवं सब्जी-भाजी शामिल है.

आपातकालीन फसल विनियोजन के लिए वैज्ञानिक तरीके से विभिन्न सलाह किसानों को दी गई. किसानों को बताया गया कि तब तक बुआई शुरू न करें जब तक कि कम से कम 100 मि. मी. बारिश न हो जाए. इसके अलावा अन्य निर्देश और सलाह भी किसानों को दी गई, जिसका लाभ वे ले सकती हैं.

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