Published On : Thu, May 22nd, 2014

अमरावती : 420 के मामले में फंसे कुलगुरु, कुलसचिव


पात्र न होने के बावजूद यात्रा भत्ता निकालने का आरोप

अमरावती

कुलगुरु डॉ. मोहन खेड़कर & कुलसचिव डॉ. दिनेश जोशी

कुलगुरु डॉ. मोहन खेड़कर & कुलसचिव डॉ. दिनेश जोशी

पुत्री के अंक बढ़ाने के मामले में लगभग दो महीने से जबरन अवकाश पर चल रहे संत गाडगे बाबा विश्‍वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. मोहन खेड़कर अब यात्रा भत्ता घोटाले में फंस गए हैं. विद्यापीठ के कुलसचिव दिनेश कुमार जोशी पर भी इन दोनों मामले में उनकी मदद करने का आरोप है. अब जल्द ही पुलिस दोनों से पूछताछ कर सकती है.

बांधाबांध यात्रा भत्ता पाने का पात्र न होने के बावजूद यात्रा भत्ता निकाल कर विश्‍वविद्यालय से वित्तीय अनियमितता तथा जालसाजी करने के मामले में बुधवार को अदालती आदेश पर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की ओर से फ्रेजरपुरा पुलिस ने कुलगुरु डॉ. मोहन खेड़कर तथा कुलसचिव दिनेश जोशी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला भादंवि की धारा 418, 420 तथा 34 के तहत दर्ज किया है.

विद्यापीठ के कुलगुरु डॉ. खेड़कर ने बांधाबांध यात्रा भत्ते के लिए 75 हजार रुपए लिए थे. इसके लिए खेड़कर ने विद्यापीठ के कुलसचिव दिनेश कुमार जोशी की मदद ली. चूकि डॉ. खेड़कर की नियुक्ति कुलगुरु पद पर सीधी तौर पर हुई थी, अत: वे बांधाबांध यात्रा भत्ता पाने का पात्र नहीं थे. इसके बावजूद उन्होंने बांधाबांध यात्रा भत्ते का दावा किया और कुलसचिव डॉ. जोशी ने मंजूरी दी.

इस कृत्य के खिलाफ डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. लेकिन पुलिस ने इसपर कोई काररवाई नहीं की. इस पर डॉ. प्रसाद ने मामला न्यायालय में दाखिल किया. हालांकि इसके बाद कुलगुरु ने बांधाबांध यात्रा भत्ता के तहत ली गई राशि विद्यापीठ में जमा करा दी थी. बात राज्यपाल भवन भी पहुंच गई और कुलगुरु एवं कुलसचिव के खिलाफ विद्यापीठ स्तर पर कार्रवाई भी की गई थी.


इससे पूर्व एनएसयूआई ने कुलगुरु तथा कुलसचिव के खिलाफ कुलगुरु की पुत्री के अंक बढ़ाने के मामले का पर्दाफाश करते हुए भी उनके खिलाफ आंदोलन किया था. आंदोलन की गूंज राज्यपाल भवन तक पहुंची, लगभग दो महीने से कुलगुरू मोहन खेड़कर जबरन अवकाश पर हैं.

पुत्री के अंक बढ़ाने का मामला खत्म भी नहीं हुआ था कि डॉ. प्रसाद ने कुलगुरु के बांधाबांध यात्रा भत्ते का मामला अदालत में दाखिल कर दिया. इस पर अदालत ने कुलगुरु तथा कुलसचिव के खिलाफ पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया. अदालती आदेश मिलने के बाद ही फ्रेजरपुरा पुलिस ने दोनों के खिलाफ विद्यापीठ से धोखाधड़ी करने के मामले में भादंवि की धारा 418, 420 तथा 34 के तहत मामला दर्ज किया है.