Published On : Sun, Sep 7th, 2014

अमरावती : साले ने रची हत्या की साजिश


नसीम हत्याकांड

Amravti murder
अमरावती

पोहरा के जंगल में अ. नसीम अ.सत्तार की हत्या के पिछे कोई और नहीं बल्कि उसका साला नईमोद्दीन उर्फ़ राजा का हाथ है. लाखों की प्रॉपर्टी हथियाने से नाराज साले राजा ने ही अपने 2 दोस्तों के साथ मिलकर दामाद को मौत के घाट उतारा दिया. यह सनसनीखेज तथ्य फ़्रेजपुरा और अपराध शाखा की जांच के बाद सामने आयी है. पुलिस ने हत्यारे मो. नईमोद्दीन उर्फ़ राजा नुरोद्दीन (30, अंसार नगर) तथा वीरेंद्र दरियासिंघ रघुवंशी(35,सरस्वती नगर,अकोट) हिरासत में है, जबकि तीसरे आरोपी मोहसिन कमाल वसीम(35, गवलीपुरा, अकोट) की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है.

पुलिस ने नहीं हारी हिम्मत
3 सितंबर को अ. नसीम की पोहरा के जंगल में लाश मिलेने पर पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला. लेकिन पुलिस ने हिम्मत ना हार कर उसके मोबाईल और रिश्तेदारों से पूछताछ की. जहां साइबर सेल हर पहलु को बारीकी से जांच कर रही थी, वही पुलिस कर्मी भी जमीनी स्तर पर काम कर रहे थे. नसीम के साले से भी पुलिस ने पूछताछ की थी, लेकिन उसने उससे भी कुछ हात नहीं लगा. राजा की संदिग्ध भूमिका की वजह से पुलिस ने उसके बारे मे जानकारी ली. जिसमें पता चला उसने अकोट में अंतरजातीय विवाह किया है. यह विवाह करवाने के लिए वीरेंद्र नामक उसके दोस्त ने उसे सहायता की थी. पुलिस ने राजा और वीरेंद्र के कनेक्शन की जानकारी ली. जिसमे वीरेंद्र के 2 सितंबर की रात 8 बजे वलगांव में रहने की बात सामने आयी. इसी आधार पर राजा से गहन पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूली. पुलिस ने पहले राजा और बाद में वीरेंद्र को हिरासत में लिया. वीरेंद्र प्रॉपर्टी ब्रोकर का काम करता है, जबकि राजा फल विक्रेता है.

प्रॉपर्टी बनी मौत का कारण
8 वर्ष पहले नसीम खोलापुरी गेट एरिया में वरली मटका व्यवसाय चलता था, लेकिन मौजुदा स्थिति में वह कोई काम धंदा नहीं करता था. राजा ने उसे काम पर लगाने के लिए ट्रान्सपोर्ट नगर में एक दुकान ली, वही पोहरा में 17 लाख की होटल भी उसके नाम से खरीदी, किंतु फिर भी वह काम धंदा नहीं करता था. लाखों की प्रॉपर्टी नसीम के नाम से होने से दोनों के बीच विवाद भी हुआ था. इसी बात से राजा ने नसीम की हत्या का प्लान बनाया. राजा ने 2 सितंबर को अकोट जाकर वीरेंद्र के घर बैठक ली. जिसमे मोहसिन कमाल भी मौजूद. यहां नसीम को मारने की योजना बनाई. दोनों राजा के दोस्त होने से नसीम भी उन्हें पहचानता था. इसी शाम 7.30 बजे वीरेंद्र और मोहसिन ने किराये की इंडिका एमएच 30 एएफ 1949 क्रमांक की गाड़ी से वलगांव पहुंचे. यहां नसीम को प्लाट दिखाने के बहाने वलगांव स्टैंड बुलाया. जिसे इंडिका से लेकर पोहरा जंगल की ओर लेकर गये. 9.15 बजे गाड़ी में शराब पीकर लघुशंका के बहाने उसे झाड़ियों में ले गये. यहां मोहसिन ने लोहे के रॉड से उस पर हमला कर दिया. नसीम की हत्या के बाद लाश को और अधिक गहरी झाड़ियों में फेंक दिया. इस समय राजा दोनों आरोपियों के संपर्क में था. आरोपी भातुकली मार्ग होकर अकोट चले गये. यह इंडिका पुलिस ने जब्त की है.

Representational Pic

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