Published On : Fri, May 23rd, 2014

साकोली : एक साल में 1,784 प्राणी हो गए कम

Advertisement


नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र क्षेत्र के 5 अभयारण्यों में की गई प्रगणना

साकोली

Representational Pic

Representational Pic

वन्यजीव विभाग की ओर से नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पांच अभयारण्यों में बौध्द पूर्णिमा के दिन की गई वन्य प्राणियों की प्रगणना में गत वर्ष की तुलना में 1 हजार 784 प्राणी कम दिखाई दिए. इसमें एक वर्ष पहले नागझिरा अभयारण्य से गायब हुए ‘राष्ट्रपति’ व ‘वीरू’ नामक शेर का भी पता नहीं चला. अभी यह पता नहीं चल पाया है कि ये दो शेर किसी दूसरे क्षेत्र में गए हैं या उनका शिकार कर लिया गया है, लेकिन यह चिंता का विषय तो है ही.

दुर्लभ खवल्या बिल्ली भी आई नजर
इस प्रगणना में नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र क्षेत्र में कुल 10 हजार 761 वन्यप्राणियों का पंजीयन किया गया. प्रगणना में 261 प्रकृति प्रेमी व 291 वन कर्मचारियों ने हिस्सा लिया. 235 जलाशयों पर 14 मई की सुबह से 15 मई की सुबह तक प्रगणना की गई. प्रगणना से पता चला कि क्षेत्र में भालू व बायसन की संख्या बढ गई है. दुर्लभ खवल्या बिल्ली भी इस क्षेत्र में पाई गई है, परंतु चांदी भालू का कहीं कोई पता नहीं चला.

शेर चार ही दिखे
वन्य जीव विभाग ने व्याघ्र प्रकल्प में नागझिरा-1 व 2, न्यू नागझिरा के उमरझरी, पिटेझरी, नवेगांव अभयारण्य के डोंगरगांव डिपो, बोंडे, कोका और नवेगांव बांध राष्ट्रीय उद्यान में यह प्रगणना की. प्रगणना करने वालों को नजदीक से जानवर का दर्शन और अचूक पंजीयन के लिए 219 कच्ची व पक्की मचान तैयार की गई थी. संपूर्ण निरीक्षण के बाद कुल 10 हजार 761 प्राणियों का पंजीकरण किया गया. पिछले साल की प्रगणना में कुल 12 हजार 545 प्राणियों का पंजीकरण किया गया था.
नागझिरा अभयारण्य भाग-1 में 3375, नागझिरा-2 में 1504, न्यु नागझिरा (उमरझरी-688, पिटेझरी-1614), नवेगांव वन्यजीव अभयारण्य (डोंगरगांव-427, बोंडे-527), कोका अभयारण्य में 859 व नवेगांव राष्ट्रीय उद्यान में 1768 प्राणियों की गणना की गई. इस अभयारण्य में 6 शेर होते हुए भी नागझिरा में 2, उमरझरी में 1 व कोका अभयारण्य में 1 मिलाकर कुल 4 शेरों की गिनती की गई.

Advertisement

कोका अभयारण्य में 859 प्राणी
नवेगांव-नागझिरा व्याघ्र के आरक्षित क्षेत्र के अंतर्गत भंडारा जिले के कोका अभयारण्य का नए सिरे से समावेश किया गया है. व्याघ्र प्रकल्प में दिखाई दिए कुल 10,761 प्राणियों में से कोका अभयारण्य में 32 जगहों पर मचान तैयार की गई थी. 24 घंटों में वन कर्मचारी-अधिकारी व वन्यप्रेमियों ने कृत्रिम तालाब, राजडोह, अजनीरिठी, चंद्रपुर, खुर्सीपार, उसगांव, नवेगांव, ढिवरवाडा, सोनकुंड तालाब में पानी पीने आने वाले प्राणियों की प्रगणना की गई. इसमें 1 शेर, 4 तेंदुए, 106 बायसन, 186 जंगली सुअर, 5 खरगोश, 49 भालू, 299 हिरण, 23 नीलगाय (नर), 56 नीलगाय (मादी), 32 जंगली कुत्ते, 66 सांबर, 12 मोर, 7 भेडकी, 3 जंगली बिल्ली, 3 चौसिंगा, 7 लोमडी को पंजीकृत किया गया.

तेंदुए व भालू बढे
पिछले साल की तुलना में इस साल तेंदुए व भालू की संख्या में वृद्धि हुई है. 462 प्रजाति के लाल मुंह वाले बंदर देखे गए हैं. इस प्रगणना में सांबर, हिरण, जंगली सुअर, भेडकी, नीलगाय, सायाल, नेवला, मोर, जंगली कुत्ता, जंगली बिल्ली, चौसिंगा, लोमडी, खरगोश, जंगली मुर्गे, मसण्याउद आदि प्राणी नजर आए.

Advertisement
GET YOUR OWN WEBSITE
FOR ₹9,999
Domain & Hosting FREE for 1 Year
No Hidden Charges
Follow Nagpur Today on Google
Add Nagpur Today to your Preferred Sources on Google to see our latest news more prominently in Search.