Published On : Fri, Mar 28th, 2014

यवतमाल: जातीवाद का डर दिखाने वालों पर हो फौजदारी कार्यवाही – मक़सूद अली

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Pic-2यवतमाल.

जातीवादीय पार्टी का डर दिखाकर कॉंग्रेस ने मुस्लिम  समाज को अपने खूंटे  से बाँध रखा है। मुस्लिम को वोटबैंक के  रूप में इस्तेमाल कर कॉंग्रेस सत्ता का सुख भोग रही है। मुस्लिम समाज के हित और विकास की तरफ कॉंग्रेस ने कभी ध्यान नहीं दिया। मुस्लिम समाज को जागरूक होकर इस बार धर्मनिरपेक्षता का पालन करने  वाली पार्टी को वोट करना होगा। इसलिए यवतमाल-वाशिम लोकसभा मतदारसंघ में जनजागरण मुहीम चलाए जाने की जानकारी मक़सूद अली ने दी। चौपाल सागर में आयोजित पत्रकार परिषद् के दौरान अली बोल रहे थे।

मूवमेंट फॉर मुस्लिम अवेयरनेस यवतमाल जिला, भारतीय मुस्लिम परिषद यवतमाल जिला, मजलीसे इफ्तेहादुल मुस्लिमीन, यवतमाल जिला मुस्लिम विकास परिषद् इन संघटनाओं की ओर से पत्रकार परिषद में इससे जुडी जानकारी दी गई। परिषद् में मुहम्मद सादीक, परवेज़ अहमद, रियाज़ अहमद, नईम शेख, ज़र्रार खान, जुल्फेकार अहमद और मक़सूद अली  मौजूद थे।

कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए मक़सूद अली ने कहा की सांविधान ने हर नागरिक को मतदान का अधिकार दिया है। चुनाव आते ही कॉंग्रेस मुसलमानों को दूसरे जातीवादीय पार्टियों का डर दिखाती है। इसलिए मतदान करते वक्त मुस्लिम मतदाता मानसिक दबाव में रहता है। ऐसा ना हो इसलिए ये जनजागृती मुहीम चलाई जा रही है। रथयात्रा, कॉर्नर मीटिंग और पत्रकारपरिषद के माध्यम से ये सन्देश  पहुँचाया जाएगा। जातिवादी पार्टी का डर  दिखाकर वोट मांगने की कोशिष करने वाली पार्टियों पर फौजदारी कार्यवाही हो इसलिए उनके खिलाफ थाने में मामला दर्ज़ करने के साथ ही चुनाव आयोग में इसकी शिकायत की जाएगी ऐसी बात मक़सूद अली ने कही। मुस्लिम समाज के वोटों पर हर पार्टी कि नज़र होती है क्युकी उनके मतों कि  हार-जीत में निर्णायक भूमिका होती है। लेकिन मुस्लिम समाज को सत्ता का हिस्सेदार बनाने कि  नियत राजनीतिक पार्टियों में नहीं होती। महाराष्ट्र में मुस्लिम समाज का एक भी सांसद नहीं है और ना ही विदर्भ में एक भी विधायक व विधान परिषद सदस्य इस समाज से है। जातीवादीय होने की बात कहते हुए मोदी का डर दिखाया जा रहा है। अन्न सुरक्षा विधेयक जितनी तेज़ी से से पास किया गया उतनी तेज़ी से दंगा विरोधी विधेयक पास नहीं हुआ ये सवाल भी मक़सूद अली ने उठाया। उन्होंने इस वक्त ये भी कहा कि सच्चर समिति में से विविध समाजोपयोगी कार्यक्रमों को अमल में लाये जाने के लिए जिलास्तर पर अल्पसंख्यांक विकास सनियंत्रण समिति कि स्थापना करना ज़रूरी है लेकिन जानबूझकर ऐसा नहीं किया जा रहा है।माइनोरिटी को विकास से दूर रखने का काम किया जा रहा है। यवतमाल जिला अल्पसंख्यक सनियंत्रण समिती के पालक के रूप में सांसद विजय दर्डा की नियुक्ति की गयी लेकिन अबतक उन्होंने इस समाज के विकास के लिए एक भी बैठक नहीं ली है। आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि मूल्यों पर आधारित राजनीति करने वाली पार्टी के उम्मीदवार को ही इस बार मुस्लिम वोट दिए जाएगे। मक़सूद अली ने कहा की अगर इस बार मोदी भी जीतकर आते हैं तो मुस्लिम समाज को भय नहीं है। मोदी देश का सविंधान नहीं बदल सकते।  मक़सूद ने कहा की मुस्लिमों को जातिवाद का डर दिखाकर बेवकूफ बनाने वाली कॉंग्रेस और निति व नियति में फर्क वाली भाजपा को भी मतदान न करें ऐसा आह्वाहन मुहीम के द्वारा किये जाने कि जानकारी मक़सूद अली ने दी।

मुस्लिम कॉंग्रेस के गुलाम नहीं – जर्रार खान। 

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हर क्षेत्र में आज मुस्लिम समाज पीछे है। कॉंग्रेस कि सत्ता होने पर भी न्याय नहीं मिला। मुस्लिम कॉंग्रेस के गुलाम नहीं। जो न्याय, विकास व धर्मनिरपेक्षता का एजेंडा अपने आचरण के माध्यम से सिद्ध करेगा उसी के साथ मुस्लिम समाज अब होगा ऐसा जर्रार खान ने इस पत्रपरिषद के दौरान कहा। उन्होंने आगे कहा की सच्चर समिति कि रिपोर्ट केंद्र सरकार को ९ साल पहले ही सौंप दी गयी है। लोकसभा चुनाव के ऐन पहले जाट समाज के लिए आरक्षण कि घोषणा की गई। लेकिन मुस्लिमों के सर्वांगीण विकास के लिए कॉंग्रेस ने कभी प्रयास नहीं किया मुस्लिम समाज में ज़बरदस्त गुस्सा है और इसका नतीजा इस बार के लोकसभा चुनाव में देखा जा सकेगा ऐसा मत जर्रार खान ने व्यक्त किया।

 

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