तालाब का पानी घुसने से सिंदपुरी हुआ बरबाद
तुमसर
सिहोरा के करीब बसा आदर्श गांव सिंदपुरी 22 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश में बरबाद हो गया है. गांव के सभी 178 घरों का भारी नुकसान हुआ है. तबाही का कारण बना गांव के मेघराज हेड़ाऊ का 110 एकड़ क्षेत्र में फैला निजी मामा तालाब, जिसकी मेंढ फूटने से गांव में प्रलय जैसे हालात बन गए थे. पानी खेतों में घुसा, घरों में घुसा और घर में जो भी था सब बहा कर ले गया. मगर प्रशासन की कुंभकर्णी नींद टूटी नहीं और मदद के हाथ उठे नहीं. 5 दिन के इंतजार के बाद ग्रामीणों को रास्ता रोको आंदोलन तक करना पड़ा, मगर कुछ नहीं हो पाया.
प्रशासन नहीं, नेता-कार्यकर्ता आए आगे
तालाब का पानी घरों में घुसने से मिट्टी से बने मकान गिर गए हैं और लोग खुले में रहने को मजबूर हैं. प्रशासन के कोई दखल नहीं देने के चलते कुछ राजनीतिक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों के ठहरने की व्यवस्था समाज मंदिर और प्राथमिक स्कूलों में की. उनके खाने-पीने की व्यवस्था की. लेकिन सवाल यही है कोई कब तक इस तरह खाना खिलाता रहेगा ?
अब राजनीति का दौर
प्रशासन अभी तक मदद के लिए आगे नहीं आया है. मगर राजनीति जरूर शुरू हो गई है. नेता आते हैं, प्रभावितों से मिलते हैं और फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं. अगर सब मिलकर दबाव बनाते तो अब तक प्रभावितों को मदद मिल गई होती. ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने में मदद की जाए.
जीवनदाता तालाब बन गया जीवन लेने वाला
कभी किसी ने सोचा भी नहीं था कि जीवन देनेवाला तालाब जीवन लेने भी लग जाएगा. मगर, पिछले साल 3 अगस्त और इस साल 22 जुलाई को तालाब ने सब-कुछ बरबाद करके रख दिया. मेघराज हेड़ाऊ का यह तालाब है तो उनके स्वामित्व का, मगर मेघराज के पानी के इस्तेमाल के बाद गांव के बाकी खेतों की सिंचाई इसी तालाब के पानी से किसान करते हैं.
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