
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार, 7 नवंबर को नागपुर जिले के लोहारी सावंगा गांव में आयोजित सामूहिक प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है।
फडणवीस ने कहा कि पिछले मानसून में अपेक्षा से कम बारिश के कारण किसानों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। राज्य सरकार इन परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को राहत देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
जल संरक्षण और ग्रामीण विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता दी है। इनमें पांदन सड़कों का निर्माण, पुराने बांधों और बंधारों का पुनर्जीवन तथा जल संरक्षण से जुड़े कार्य शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ ही खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
ग्रामगीता को बताया गांवों के विकास का मार्गदर्शक
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज की ग्रामगीता का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामगीता में गांवों के आर्थिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास का मार्ग बताया गया है।
उन्होंने कहा कि ग्रामगीता के विचारों को अपनाकर गांवों को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। ग्रामीण विकास और सामाजिक परिवर्तन के लिए इसमें दिए गए विचार आज भी प्रासंगिक हैं।
कार्यक्रम में राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधायक चरणसिंह ठाकुर, डॉ. आशीष देशमुख, विधान परिषद सदस्य डॉ. राजीव पोतदार, नागपुर के जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद और जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनायक महामुनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यान्वयन की रूपरेखा का इंतजार
किसानों के 58,000 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ करने की घोषणा को राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। हालांकि, इस योजना के तहत किन किसानों को लाभ मिलेगा, माफी की प्रक्रिया क्या होगी और इसे कब से लागू किया जाएगा, इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देशों का इंतजार है।



