Published On : Sat, May 18th, 2019

गोंदियाः नौकरी के नाम पर 44 लाख का फर्जीवाड़ा

150 शिक्षित बेरोजगारों ने थाने पहुंच, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी पर दर्ज कराया ठगबाजी का मामला

गोंदिया: बढ़ती बेरोजगारी आज देश में सबसे बड़ा मुद्दा है। जहां एक ओर सरकारी नौकरियों की संख्या घटती जा रही है, वहीं दुसरी तरफ डिग्रीधारक शिक्षित बेरोजगारों की फौज देश में बढ़ती जा रही है।

हर शिक्षित युवा की यह चाहत होती है कि, उसे एक अच्छी सी नौकरी मिल जाए। शिक्षित बेरोजगारों के इसी संधी का लाभ गोंदिया जिले में सक्रिय कुछ ठगबाज गिरोह उठा रहे है तथा युवक-युवतियों से मोटी राशि ऐंठकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र थमा देते है, जब संबधित उम्मीदवार तय जगह पर डियुटी के लिए पहुंचता है तो उसे पता चलता है इस दफ्तर में एैसी कोई वेकेन्सी खाली थी ही नहीं ? और उसके हाथ में थमाया गया नियुक्ति पत्र ही फर्जी है?

गोंदिया जिले के शासकीय, अर्धशासकीय और निजी संस्थाओं में एजेंसियों के माध्यम से सुरक्षा की दृष्टि से सेक्यूरिटी गार्ड की नियुक्ति की जाती है। नागपुर जिले के बुटीबोरी स्थित स्ट्रांग सेक्यूरिटी सर्विस प्र्रा. लि. के माध्यम से गोंदिया जिले के प्रत्येक गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सेक्युरिटी गार्ड व सुपरवाईजर के पद भरे जा रहे है एैसी जानकारी गैरअर्जदार सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी पुरूषोत्तम पी. सोनेकर ने शिक्षित बेरोजगारों को देते हुए खुद को स्ट्रांग सेक्युरिटी सर्विस का एरिया फील्ड अधिकारी बताकर तिरोड़ा के चंद्रभागा नाका निकट पारधी बिल्डिंग में दफ्तर खोला तथा 150 से 200 आवेदनकर्ताओं से नौकरी लगाने के नाम पर सेक्युरिटी गार्ड के लिए 35 हजार तथा सुपरवाइजर पद के लिए 50 हजार रूपये जमा करने को कहा। 150 से अधिक आवेदनकर्ताओं ने नौकरी के लालच में आकर लगभग 44 लाख की रकम मोटी रकम जमा कर दी।

शिकायतकर्ता अनुप हिरालाल मेश्राम (रा. एकोड़ी त. गोंदिया) ने जानकारी देते बताया, स्ट्रांग सेक्युरिटी सर्विस प्राइवेट लि. बुटीबोरी के नाम पर तिरोड़ा में ऑफिस खोला गया। उन्होंने सेक्युरिटी गार्ड की पोस्टिंग के लिए 35 हजार रू. जमा किए। नौकरी लगाने में गैरअर्जदार टालमटौल करने लगा। दबाव बनाने पर उसने 20 फरवरी को हमें नियुक्ति पत्र दिया। जब मैं तय जगह पर पीएचसी (स्वास्थ्य केंद्र्र) में डियुटी करने के लिए पहुंचा और नियुक्ति पत्र दिखाया तो जानकारी दी गई कि इस तरह की कोई भी भर्ती स्वास्थ्य केंद्र से नहीं निकली है।

गैरअर्जदार सोनेकर से जब हमने रकम वापस मांगी तो उसने कहा- मैंने नागपुर के ऑफिस में पैसे जमा कर दिए है यह कहते कुछ लोगों को रसीद दी। जब हम पावती लेकर स्ट्र्रांग सेक्यूरिटी सर्विस के नागपुर मुख्य कार्यालय पहुंचे तो वहां बताया गया, इस तरह के आवेदन ना तो कम्पनी में जमा हुए है और ना ही उनके द्वारा नियुक्ति पत्र दिए गए है। अब खुद के ठगे जाने की जानकारी मिलने के बाद शिकायतकर्ता अर्जदार आनंदकुमार चौरे (ग्राम देवरी पो. धापेवाड़ा), विजयसिंह नेकाने (ग्राम महालगांव पो. मुरदाड़ा त. गोंदिया). दुर्गाप्रसाद डोहरे (ग्राम आध्याटोला त. लांजी जि. बालाघाट), अनुप मेश्राम (ग्राम एकोड़ी त. गोंदिया) , दिलीप उईके (ग्राम फुटाणा त देवरी), प्रितकुमार बंसोड़ (ग्राम ढाकनी त. गोंदिया), वर्षा हरिणखेड़े (रा. तिरोड़ा जि. गोंदिया), दिक्षीता हुमने (रा. तिरोड़ा), राजेंद्र रिनाइत (रा. सेजगांव त. गोंदिया), व अन्य ने तिरोड़ा थाना कोतवाली पहुंच गैरअर्जदार सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी पुरूषोत्तम सोनेकर के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया है। मामले की जांच में पुलिस जुटी है।

– रवि आर्य