गोंदिया मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध की चिंगारी अब गोंदिया की सड़कों पर ‘पैनिक’ बनकर दौड़ रही है। मंगलवार, 24 मार्च को सोशल मीडिया पर एक खबर आग की तरह फैली कि “आपूर्ति ठप होने वाली है और पंप बंद हो जाएंगे।” फिर क्या था? शाम होते-होते शहर के हर पेट्रोल पंप पर गाड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा , हालत यह थी जो नागरिक रोज 100
रुपए का पेट्रोल गाड़ी में डलवाता था, वह भी टंकी फुल करवाने की होड़ में लग गया , जिसके परिणाम स्वरूप रात 10 बजते-बजते जिले के अधिकांश पंपों पर तख्तियां लटक गईं और पंप की बत्ती गुल कर बैरिकेड्स लगाने पड़े।
पुलिस का कड़ा संदेश: ” पैनिक फैलाने वालों की खैर नहीं “
भीड़ और भगदड़ की स्थिति को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस ने साफ चेतावनी दी है , अगर किसी ने भी बिना आधिकारिक पुष्टि के सोशल मीडिया पर बेतुकी अफवाह फैलाई या पैनिक क्रिएट किया, तो उसके खिलाफ पुलिस कठोरतम कार्रवाई करेगी , व्हाट्सएप के मैसेज स्क्रीन पर उंगलियां चलाने से पहले जेल की सलाखों को याद कर लें।
पेट्रोल की किल्लत नहीं ‘ अफवाहों ‘ का अकाल है- कलेक्टर प्रजीत नायर
पेट्रोल पंपों पर लगती लंबी कतारें और बिगड़ते हालात को देखते हुए कलेक्टर प्रजीत नायर ने खुद कमान संभाली और साफ किया है कि इस वक्त 6.5 लाख लीटर पैट्रोल और 8.5 लाख लीटर डीजल का स्टॉक मौजूद है जो तीन दिनों की खपत के लिए काफी है। जिले में पेट्रोल- डीजल की उपलब्धता की कमी नहीं है और पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और पहले की तरह ही दर लागू है सरकार द्वारा फिलहाल ईंधन की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है आगे यदि कोई निर्देश जारी होते हैं तो जानकारी नागरिकों तक पहुंचाई जाएगी। जनता से कलेक्टर नायर ने अनुरोध किया है कि पंपों पर अनावश्यक कतारें ना लगाएं , गैर समझ फैलाई गई है , जिले में ईंधन की आपूर्ति पर्याप्त है इसलिए अफवाहों पर ध्यान ना दें।
बहरहाल झूठी अफवाहें फैलाने वालों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पुलिस की पैनी नज़र है और ऐसे तत्वों के खिलाफ जेल का दरवाजा तैयार है।
रवि आर्य









