
गोंदिया। अजित दादा की विमान दुर्घटना को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने इस घटना को “अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए कई अहम बिंदुओं पर प्रतिक्रिया दी है।उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटना से एक दिन पहले उन्होंने स्वयं अजित दादा से फोन पर बात की थी। यह बयान उस आरोप के बाद आया है जिसमें रोहित पवार ने दावा किया था कि पूर्व विदर्भ के एक नेता का फोन दुर्घटना से पहले गया था।
मैंने धान भुगतान के मुद्दे पर फोन किया था
प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि जब वह दिल्ली में थे, तब किसानों के धान भुगतान (चुकारे) के संदर्भ में उन्होंने हादसे के एक दिन पहले अजित दादा से बातचीत की थी।उनके अनुसार, “दादा ने आश्वस्त किया था कि किसानों के भुगतान की व्यवस्था निश्चित रूप से की जाएगी।”इस बयान के जरिए पटेल ने फोन कॉल से जुड़े आरोपों को स्पष्ट करने की कोशिश की।
पायलट पर साजिश का आरोप, पटेल का संयमित जवाब
रोहित पवार ने विमान दुर्घटना को लेकर चौंकाने वाला आरोप लगाया था कि पायलट ने जानबूझकर विमान नीचे गिराया और विस्फोट कराया।इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा,“मैं एक जिम्मेदार व्यक्ति हूं, कई वर्षों से राजनीति में हूं , मैं संयम से बोलूंगा। जब तक मेरे पास ठोस प्रमाण नहीं होंगे, तब तक मैं कुछ भी नहीं कहूंगा।गौरतलब है कि पटेल का यह बयान राजनीतिक माहौल में संतुलित और सावधानीपूर्ण प्रतिक्रिया माना जा रहा है।
कई शंकाएं, इसलिए सीबीआई जांच जरूरी
राष्ट्रवादी कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर इस विमान दुर्घटना की सीबीआई जांच की मांग की है। प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और विभिन्न एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। राज्य सरकार भी सक्रिय है, लेकिन कई लोगों ने इस घटना पर शंकाएं व्यक्त की हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी दुर्घटना अचानक कैसे हो सकती है, इसकी गहन जांच होनी चाहिए , चूंकि यह घटना महाराष्ट्र में हुई है, इसलिए राज्य सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश केंद्र सरकार को कर सकती है इसी उद्देश्य से पार्टी की ओर से ज्ञापन दिया गया है।
ब्लैक बॉक्स पर क्या बोले प्रफुल्ल पटेल ?
विमान दुर्घटना के बाद ब्लैक बॉक्स के क्षतिग्रस्त होने की खबरें सामने आई थीं।
इस पर प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ब्लैक बॉक्स डैमेज हुआ है, लेकिन चूंकि जांच स्वायत्त संस्था Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) द्वारा की जा रही है, इसलिए इस विषय पर अधिक टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
राजनीतिक तापमान चरम पर , मुद्दा गर्माने के संकेत
अजित दादा की दुर्घटना अब केवल एक हादसा नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस और जांच की मांग का केंद्र बन चुकी है।
फोन कॉल, साजिश के आरोप, ब्लैक बॉक्स की स्थिति और सीबीआई जांच की मांग इन सबके बीच अब नजरें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।बहरहाल देश की राजनीति में यह मामला आने वाले दिनों में और गरमाने के संकेत दे रहा है।
रवि आर्य








