
गोंदिया। नक्सल प्रभावित गोंदिया जिले के घने जंगलों में पुलिस ने ऐसा हथियारों का भंडार बरामद किया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया। महाराष्ट्र–मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़ (एम.एम.सी.) ज़ोन में माओवादियों द्वारा वर्षों से छिपाकर रखा गया भूमिगत हथियार डंप अब गोंदिया पुलिस के कब्जे में है।
बेस कैंप मुरकूटडोह क्षेत्र के टाकेझरी–बेवारटोला डैम जंगल परिसर में पुलिस ने विशेष सर्च ऑपरेशन चलाकर माओवादियों की रीढ़ तोड़ने वाली इस साजिश को बेनकाब कर दिया। यह कार्रवाई आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर 25 जनवरी 2025 को अंजाम दी गई।
जंगल के नीचे छुपा था आतंक का शस्त्रागार
बरामद सामग्री में एके-47 राइफल,एस.एल.आर.रायफल , कोल्ट ऑटोमेटिक पिस्टल, क्लेमोर माइन, एक-47 मैगजीन , हजारों राउंड कारतूस, ग्रेनेड शेल, 8.5 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थ, सुरका लांचर राउंड , डेटोनेटर, वायर, वॉकी-टॉकी, सोलर प्लेट, बैटरियां , वायर और यहां तक कि प्रिंटर तक शामिल है जो साफ तौर पर किसी बड़े हमले की तैयारी की ओर इशारा करता है।
आत्मसमर्पण से टूटा नक्सल नेटवर्क
महाराष्ट्र शासन की आत्मसमर्पण योजना के तहत 2025 के अंत में एम.एम.सी. ज़ोन के प्रवक्ता अनंत उर्फ विकास नवज्योत नागपुरे , दरेकसा एरिया कमांडर रोशन वेडजा सहित 14 माओवादियों ने 13 दिसंबर 2025 को हथियार डाल दिए थे इन्हीं से मिली जानकारी ने पुलिस को इस खतरनाक डंप तक पहुंचाया। बेवरटोला डैम से सटे जंगल परिसर में 25 जनवरी से विशेष अभियान चला कर माओवादियों द्वारा भूमिगत रूप से छिपाकर रखा गया डंप सफलतापूर्वक बरामद किया।
जांच जारी, और भी राज़ खुलने की उम्मीद
पुलिस के मुताबिक आत्मसमर्पित माओवादियों से पूछताछ जारी है और उनके इनपुट पर आगे भी सघन सर्च ऑपरेशन चलाए जाएंगे। यह कार्रवाई नक्सल नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी चोट मानी जा रही है , गौरतलब है कि नक्सल प्रभावित गोंदिया जिले में अब नक्सली मोमेंट खत्म होने की कगार पर है , गोंदिया के जंगलों में अब नक्सलियों की मौजूदगी नहीं, कानून की गूंज है।
सी-60 और नक्सल सेल की शानदार कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई डीआईजी अंकित गोयल और एसपी गोरख भामरे के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक प्रमोद भातनाते, एपीआई संजय नाईक, पीएसआई श्रीकांत हत्तीमारे, सहायक पुलिस निरीक्षक संजय नाईक , पुलिस उप निरीक्षक श्रीकांत हत्तीमारे पुलिस हवलदार लक्ष्मण घरत , मुस्ताक सैयद , पुलिस सिपाही रमेश उईके , राजेश तावाड़े , नक्सल सेल और सी-60 झोडे पथक द्वारा अंजाम दी गई।
रवि आर्य









