
नागपुर: जयन्ती नगर, बेसा–पिपला रोड स्थित Croma स्टोर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। ग्राहक अमित ठाकरे ने ताज़ा बिल किए गए, सीलबंद Apple Watch Series 9 (कीमत ₹24,500) का डिब्बा वहीं काउंटर पर खोलकर देखा—लेकिन अंदर महज़ स्ट्रैप्स थे, घड़ी गायब थी।
अमित ने फाइनेंस पेपरवर्क और भुगतान पूरा करने के कुछ ही सेकंड बाद पैक खोला। डिब्बा तो बिल्कुल सील था, लेकिन घड़ी नदारद। स्टोर का स्टाफ भी यह देखकर हैरान रह गया और तुरंत रिफंड देने पर सहमत हो गया। अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि घड़ी किस चरण में गायब हुई—स्टोर, गोदाम या ट्रांजिट, किसी भी स्तर पर यह छेड़छाड़ हो सकती है।
इस घटना ने सीलबंद और हाई-वैल्यू इलेक्ट्रॉनिक्स की सुरक्षा, सप्लाई-चेन मॉनिटरिंग और रिटेल ऑथेंटिसिटी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राहक यह सोचने को मजबूर हैं कि जब एक ब्रांडेड रिटेल चेन से खरीदा गया सीलबंद उत्पाद ही खाली निकल सकता है, तो कहीं ऐसे उत्पादों को डुप्लीकेट, रिफर्बिश्ड या इस्तेमाल किए हुए सामान से बदला तो नहीं जा रहा?
सूत्रों के अनुसार, Croma प्रबंधन इस मामले की आंतरिक जांच शुरू कर रहा है, ताकि पता चल सके कि गड़बड़ी कहां हुई। यह घटना शहर में उपभोक्ता विश्वास पर सीधा असर डालती दिखाई दे रही है, खासकर उन ग्राहकों पर जो सील पैक को पूरी तरह सुरक्षित मानते हैं।
इस तरह की घटनाएं यह साफ बताती हैं कि महंगे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद खरीदते समय सिर्फ सील पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं रहा — रिटेलरों को भी अपनी सप्लाई-चेन और इन्वेंटरी सुरक्षा के दावों को और ज्यादा मजबूत करना होगा।









