Published On : Thu, Apr 24th, 2014

चिमूर : विद्युत कनेक्शन का ५ सालों से इंतज़ार ; 400 किसानो को फटका

चिमूर : उपज बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार की ओर से किसानो को मुफ्त वाटरपंप बांटे गए। कई किसानों ने खेतों में पंप शुरू करने के लिए विद्युत कनेक्शन के लिए अर्ज़ी की। डिमांड भरा गया। लेकिन 5 साल का वक्त बीत जाने के बाद भी 400 किसानों के खेतों में अबतक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंचा है। मिली जानकारी के मुताबिक़ नागपुर के एक निजी ठेकेदार को इसका ठेका दिया गया लेकिन किसानों की माने तो ठेकेदार के दर्शन भी इन्हे नसीब नहीं होते है। किसान तो इस सोच में हैं की कहीं इस ठेकेदार का कॉन्ट्रैक्ट रद्द तो नहीं कर दिया गया है ?

जानकारी ये भी मिल रही है की घरघूति मीटर, बीपीएल धारकों के मीटर तक लोगों तक नहीं पहुँच रहे जिससे विद्युत वितरण कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। 
किसान दिन रात मेहनत करके फसल उगाता है। खेती करके अपना उदरनिर्वाह करता है।  लेकिन पानी के अभाव में उपज कम होने के कारण किसान निराशा से भर जाता है। सरकार किसानों के लिए योजनाएं चलाने का दावा करती है और इधर किसान आत्महत्या करने को मजबूर है। 
फिलहाल खेतों में फसल खड़ी नहीं है और मौसम भी साफ है जिससे खेतों में विद्युत कनेक्शन आसानी से लगाया जा सकता है। एक बार हंगाम की शुरुवात हो गई तो फिर ये काम करना मुश्किल होगा। इसके बाद बरसात के मौसम में बिजली कनेक्शन का काम मुम्किन नहीं होगा। अगर इस गर्मी के मौसम में ही विद्युत कनेक्शन का काम कर दिया गया तो किसानों की आगे की उपज अच्छी होगी। 
 
15 दिन के भीतर दिया जाएगा कनेक्शन –  सहायक अभियंता एस. डी. पुलकवार
 

इस बारे में जब चिमूर सहायक अभियंता एस. डी. पुलकवार से बात की गई तो उन्होंने जानकारी दी की खेतों में विद्युत जोड़ाई का ठेका राज इंडस्ट्रियल नागपुर को दिया गया था लेकिन उनके गैरजिम्मेदाराना रवैये के कारण ही किसानो तक ये सुविधा नहीं पहुँच पाई। इसलिए राज इंडस्ट्रियल नागपुर का ठेका रद्द कर दिया गया। पुलकवार ने बताया की १५ दिनों के भीतर उन सभी किसानो के खेतों में विद्युत कनेक्शन लगा दिए जाएंगे जिन्होंने २००९ में इसके लिए अर्ज़ी दी थी।

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