Published On : Thu, Aug 21st, 2014

राजुरा : सैकड़ों किसानों ने निकाला मोर्चा


उपविभागीय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा


राजुरा

rajura SDO
राजुरा विधानसभा क्षेत्र में आने वाले राजुरा, कोरपना, गोंडपिपरी और जिवती तालुका के सैकड़ों किसानों ने बुधवार को पूर्व विधायक सुदर्शन निमकर के नेतृत्व में उपविभागीय अधिकारी के कार्यालय पर धावा बोला और इस क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने एवं किसान-खेतमजूर, विद्यार्थी तथा बेरोजगारों की समस्याएं हल करने की मांग की.

राजुरा क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर कोरपना में 18 जुलाई को, जिवती में 31 जुलाई को और राजुरा में बुधवार को निकलने वाले मोर्चे के भय से सरकार ने इन क्षेत्रों को सूखाग्रस्त घोषित तो कर दिया, मगर उससे मिलने वाले लाभ अब तक नहीं दिए हैं. इन्हीं सब मांगों को लेकर बुधवार को राजुरा में विशाल मोर्चा निकाला गया. मोर्चे की ओर से उपविभागीय अधिकारी को मांगों का ज्ञापन सौंपा गया.

जिन मांगों को लेकर मोर्चा निकाला गया उनमें, सूखाग्रस्त इलाकों को मिलने वाली सुविधाएं तुरंत बहाल करने, पिछले वर्ष हुई अतिवृष्टि की नुकसान भरपाई के राजुरा तालुका के 1 करोड़ 31 लाख और कोरपना के 2 करोड़ 21 लाख रुपयों का वितरण तत्काल करने, गोंडपिपरी तालुका में प्रस्तावित कन्हालगांव अभयारण्य का प्रस्ताव रद्द करने, चव्हेला बांध के डूब क्षेत्र में आने वाले गांव और जमीन नहीं डूबने का करार करने, किसानों के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, राजुरा नगर परिक्षेत्र के तहत आने वाले रमबाई नगर, पावर हाउस, इंदिरा नगर और अन्य वार्डों के योग्य व्यक्तियों को घरकुल योजना का लाभ देने, निम्न वैनगंगा बांध क्षेत्र में जमीन की खरीदी-बिक्री पर लगी रोक हटाने, किसानों को हर माह पेंशन देने, किसानों को लागत खर्च के अनुसार भाव देने, किसानों को उनके कृषि पंपों के लिए तत्काल कनेक्शन देने और कृषि पंपों की क्षमता के अनुसार 33़/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का काम प्रारंभ करने की मांगें शामिल हैं.

rajura SDO
इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य अमर बोडलावार, नगर परिषद गट नेता शरीफभाई सिद्दीकी, पुष्पाताई कोडापे, मायाताई रोगे, किसन अवताडे, झिबल जुमनाके, भीमराव मेश्राम, सरपंच छायाताई कुमरे, महमूद मुसा, हरिदास झाडे, अशोक डोहे, सुनील झाडे, राम देवईकर, अमोल आसेकर, सुनील फुकट, वाघू उइके, सुमनताई बोबडे, सविता भगत, माधुरी येलेकर, सुमनताई शेलके आदि उपस्थित थे.