Published On : Fri, Nov 28th, 2014

यवतमाल: नयी केंद्र सरकार के खाते में 702 किसान आत्महत्या

Advertisement

-भाजपा से हमारी नूराकुश्ती नहीं, किया हुआ वादा निभाए
यवतमाल: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पदभार ग्रहण करने के दिन से आजतक 702 किसानों ने विदर्भ में आत्महत्या की है. भाजपा से हमारी नूराकुश्ती नहीं है, मगर लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा ने किए हुए वादे निभाने का वक्त आ गया है, ऐसी जानकारी विदर्भ जनआंदोलन समिति के अध्यक्ष तथा किसान नेता किशोर तिवारी ने दी. वे स्थानीय हॉटल माई में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे. उन्होंने बताया कि, पहले की कांग्रेस सरकार अब की भाजपा सरकार ने अबतक किसानों को उन्हें क्या चाहिए, उसका पैकेज देंगे यह पूछा नहीं है. सिर्फ ठेकेदार और अपने ही कुछ पदाधिकारियों की संस्थाओं के माध्यम से आए पैसे खर्च किए है. अगर तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह किसानों को मिलने यवतमाल के कोलझरी गाव में जाते तो उस समय का पैकेज बदला हुआ रहता. सर्वाधिक किसानों की आत्महत्या इन दिनों हो रही है. उस समय भी अमरावती संभाग में आयुक्त के रूप में सुधीर गोयल थे और आज भी कृषि विभाग के प्रधान सचिव के रूप में वे है. इस अधिकारी ने 15 वर्षों में किसानों को कुछ भी सुविधा मिलने नहीं दी, जिससे इस अधिकारी का निर्मूलन करने की मांग भी तिवारी ने की.

yavatmal

सीएम ने चर्चा के लिए बुलाया तिवारी को
किसान आत्महत्या के मामले पर चर्चा करने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने किशोर तिवारी को न्यौता दिया है. जिसमें शाम 6 बजे से 6.10 मिनट तक का समय दिया गया है. अमरावती के आर.डी.सी पवार ने यह जानकारी फोन पर दी, ऐसा भी उन्होंने बताया. तो आयुक्त ने 10 मिनट के पहले ही विषय खत्म करने की सूचना दी है, ऐसा भी बताना वे नहीं भूले. कृषि संकट राष्ट्रीय आपदा घोषित करें लगाई हुई लागत खेती से निकल नहीं रहीं है. जिले की नदियां नवंबर में ही सूख चुकी है. जिसमें मुख्य रूप से पैनगंगा का समावेश है. अबतक इस वर्ष में 1016 किसानों ने आत्महत्या की है. फिर भी किसानों से मिलने की सूद सीएम या पीएम को नहीं है. 7/12 कोरा करों, बिजली बिल पुरा माफ करों ऐसी मांगों के साथ किसानों को वित्तिय सहायता प्रदान करने की मांग तिवारी सीएम से करनेवाले है.

 

Advertisement
Advertisement
टैंकर का रैकेट
जलकिल्लत बताकर उन क्षेत्रों में टैंकर पानी आपूर्ति करने का रैकेट जिला प्रशासन के कार्यालय से चल रहा है. इसलिए इसका खात्मा करने के लिए पानी आपूर्ति की जिम्मेदारी संबंधित गाव के सरपंच को सौंपी जाए. जिससे संस्था और अधिकारियों का रैकेट समाप्त हों सकता है. जिले में 300-400 संस्थाओं ने करोड़ों लूटे है. यवतमाल के तत्कालीन कृषि अधिकारी दत्ता गायकवाड़ की संपत्ति 300 गूना बढ़ गई है.सीसीआई कहती है ग्रेडेशन कपास खरीदनेवाली सीसीआई एजेंन्सी कपास खरीदते समय ग्रेडेशन की भाषा कर रहीं है तो सरकार खरीदे गए कपास पर बोनस देंगे, ऐसा आश्वासन दे रहें है. यह बोनस उस समय मिलेगा, जब पूरा कपास व्यापारियों के पास होगा, ऐसे में किसान को नहीं तो व्यापारी को लाभ हों सकता है.

 

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथनी करने में अंतर देखने मिल रहा है, ऐसी टीका भी किशोर तिवारी ने की है. नेपाल, काठमांडू, मलेशिया आदि में भारत का उज्वल भविष्य बताया जा रहा है. मगर जिले के हजारों गाव में अंधेरा  छाया है. अबतक एक भी किसान के यहां पीएम या सीएम ने जाकर उनकी मौत क्यों हो रही है? यह जानने की कोशिश नहीं की. एलबीटी को मोदी ने लूटो-बाटों टैक्स कहा था, अब एलबीटी रद्द करने में सीएम क्यों पिछे है? ऐसा सवाल भी उन्होंने पूछ लिया.

मनरेगा योजना का लाभ किसानों को देने की मांग उन्होंने की है. शेतकरी संगठन इतिहास जमा संगठन हो चुका है. अधिकारियों की भ्रष्ट व्यवस्था में क्रांति कभी नहीं हो सकती.  क्योंकि राजनीतिक लोग दुकानदारी ही उनके लिए करते है, ऐसा भी उन्होंने संपन्न संवाददाता सम्मेलन में कहा.

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement