Published On : Sat, Apr 12th, 2014

मूल: भुगतान की तारीख निकलने के बाद पहुंचते हैं बिजली बिल !


विद्युत वितरण कंपनी के गैरजिम्मेदाराना रवैये से ग्राहक त्रस्त.
कार्यालय के चक्कर लगाकर ग्राहक हो रहे हैं परेशान.
कंपनी और बिल वितरण कॉन्ट्रैक्टर के बीच पिस रहे लोग. 
 

Electricityमूल.
 महाराष्ट्र राज्य विद्युत महावितरण का रूपांतरण विद्युत वितरण कंपनी के रूप में होने के बाद से ही विद्युत वितरण कंपनी के गैरजिम्मेदाराना रवैये ने विद्युत ग्राहकों को परेशानी में डाल रखा है. कंपनी के ढुलमुल रवैये से ग्राहक त्रस्त हैं. दरअसल ग्राहकों को विद्युत बिल ही समय पर नहीं पहुंच रहे हैं. बिल भुगतान की तारीख निकल जाती है, लेकिन ग्राहकों को बिल नहीं मिलता। इतना ही नहीं जब लोग इस बारे में जानकारी लेने के लिए सहायक अभियंता के कार्यालय में जाते हैं तो अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि उन्होंने बिल वितरण की ज़िम्मेदारी कॉन्ट्रैक्टर को दे दी है और इस मामले में विद्युत वितरण विभाग कुछ नहीं कर सकता है.

चौकाने वाली बात ये भी है की एक ही इलाके के एक घर में बिल पहुंचाता है और एक- दो मीटर दूरी पर स्थित दूसरे ग्राहक के घर बिल नहीं पहुंचाता। ग्राहक इस भ्रम में पड़ा रहता है की बिल आने वाला है और जब तक बिल हाथ में आता है, तबतक बिल भुगतान की तारीख निकल चुकी होती है और फिर ग्राहक को तारीख आगे बढ़ाने के लिए कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं.

बिल नंबर में भी गड़बड़ियां सामने आई हैं.  दरअसल जब विद्युत वितरण विभाग के कर्मचारी रीडिंग लेते हैं तब मीटर की नंबर के साथ तस्वीर खींची जाती है और उस तस्वीर को बिल के साथ जोड़कर ग्राहक को दिया जाता है. लेकिन कई ग्राहकों की शिकायत है की तस्वीर में जो मीटर नंबर रहता है और बिल में जो नंबर रहता है, वह कई बार मेल नहीं खाता। इससे ये साफ़ होता है की रीडिंग लेने वाले कर्मचारियों से भारी गलती हो रही है और किसीका बिल किसीको पहुँच रहा है.

विद्युत वितरण कंपनी के इन गैरजिम्मेदारना रवैये का खामियाज़ा विद्युत ग्राहकों को भुगतना पड़ रहा है. लोगों की मांग है कि ग्राहकों को सही वक्त पर बिल पहुंचाने के निर्देश कॉन्ट्रैक्टर को दिए जाएं और ग्राहकों को इस समस्या से मुक्त कराया जाए.