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    Published On : Tue, Apr 1st, 2014
    Vidarbha Today | By Nagpur Today Nagpur News

    प्रचार के लिए सोशल मिडिया का प्रमुखता से इस्तेमाल

    वॉट्सअप, वॉइस कॉल तथा फेसबुक बने प्रचार का मुख्य साधन

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    गोंदिया – भंडारा – गोंदिया मतदार संघ के लिए लोकसभा चुनाव १० अप्रैल होने वाले है। उमीदवारों ने अपने-अपने प्रचार शुरू कर दिए है। इस में सोशल मिडिया का इस्तेमाल प्रमुखता से हो रहा है। फेसबुक,वॉट्सअप का इस्तेमाल दिन ब दिन बढ़ रहा है। मतदाताओं को आकर्षित करने के इरादे से राजनीतिक दल सोशल नेटवर्किंग साइट का जमकर उपयोग कर रहे हैं। पहले पॉम्पलेट,स्टिकरस का प्रचार के लिए इस्तेमाल होता था। लेकिन इस चुनाव में प्रचार के लिए सोशल मीडिया आने से कम समय में ज्यादा प्रचार हो रहा है ऐसा नजर आ रहा है।फेसबुक,वॉट्सअप इस्तेमाल होते हुए उमेंदवारों ने वॉइस कॉल का तरिका अपनाया है। वॉइस कॉल सोशल मिडिया का एक भाग है जिसमे उम्मीदवार की आवाज को रिकॉर्ड करके हमें वोट दो ऐसा बोला जा रहा है। इस वजह से मतदारों को उम्मीदवार का फ़ोन आ जाता है, ऐसा कहा जा रहा है।लेकिन सोशल मीडिआ द्वारा उमेदवारों की आवाज रिकॉर्ड करके संबंधित भ्रमणध्वनी मालक को ऑनलाइन फ़ोन किया जाता है। इस फ़ोन से मतदारों में आश्चर्य व्यक्त किया जा रहा है। वही कुछ मतदारों के लिए यह कॉल सरदर्द बन रहा है। अपने काम के दौरान  एक के बाद एक कॉल आने से मतदारों ने नाराजगी व्यक्त की है।

    आने वाले लोकसभा चुनाव में १ लाख ७४ हजार नए युवा मतदारों का समावेश है। इस में अधिक प्रमाण में कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों का समावेश है। उनके पास उत्कृष्ट ऍप्स वाले मोबाइल है। जिसमें वाट्सअप, फेसबुक इस्तेमाल करने वाले विद्यार्थीओं की संख्या ज्यादा नजर आ रही है। इस वाट्सअप, फेसबुक इस्तेमाल करने वाले विद्यार्थीओं के साइट पर राजनीतिक पार्टियों कि ओर से राजनीतिक खबर पोस्ट की जा रही है। इस बात की तरफ चुनाव आयोग की पैनी नजर होने से सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार पर बंदी करने के लिए जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए ऐसी जानकारी सामने आई है। सोशल मीडिया का चुनाव के प्रचार के लिए इस्तेमाल करने वाले राजनीतिक पक्ष के नेताओं पर तथा समर्थकों पर मामला दर्ज करने का चुनाव आयोग ने आदेश दिए है। जिले में सोशल मीडिया पर काम करने वाले विशेषज्ञों की कमी होने से इस आदेश पर अमल करने में दिक्कतें आ रही है। अनेक राजनीतिक नेता व उनके समर्थक वाट्सअप, फेसबुक पर अपने प्रचार कार्यक्रमों का साथ ही नेताओं ने किये हुए कामों की जानकारी अपलोड कर रहे है। वाट्सअप, फेसबुक के यूजर्स खुद इसे हटा रहे है।


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