Published On : Wed, Apr 16th, 2014

पवनी वन विभाग का क्षेत्र चला महामंडल के पास

 

कार्रवाई विचाराधीन, नागरिकों का विरोध  

forestपवनी.

पवनी वनपरिक्षेत्र के तहत आनेवाले वन विभाग के कुछ क्षेत्र को उमरेड-करहांडला अभयारण्य में शामिल किया गया है. बाकी क्षेत्र फ़िलहाल वन विभाग पवनी के पास है. अब खबर है कि वन विभाग के इस क्षेत्र को वन विकास महामंडल को हस्तांतरित करने की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है.

मजे की बात यह है कि इस क्षेत्र के प्रबंधन के लिए 11 संयुक्त वन प्रबंधन समितियां भी गठित की गईं थी. इतना ही नहीं, वर्ष 2007 में एक आदेश भी पारित किया गया था कि उक्त क्षेत्र वन विभाग के पास अबाधित रहेगा.

निजीकरण की चाल !

कहा जाता है कि अगर वन विभाग के इस क्षेत्र को वन विकास महामंडल को हस्तांतरित कर दिया गया तो इससे नागरिकों की स्वतंत्रता और उनके अधिकार प्रभावित होंगे. इसे निजीकरण की एक चाल के रूप में भी देखा जा रहा है. स्थानीय लोगों को वन से अनेक प्रकार के लाभ हैं, लेकिन वन क्षेत्र के महामंडल के पास चले जाने से नागरिकों पर अनेक बंधन आ जाएंगे. नागरिकों ने इस कार्रवाई को रोककर सबके फायदे वाली कोई योजना लाने की मांग की है.