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    Published On : Thu, Aug 28th, 2014
    Vidarbha Today | By Nagpur Today Vidarbha Today

    नागपुर : राजे रघुजी राव भोसले के खिलाफ जालसाज़ी का मामला दर्ज़


    वाराणसी के कैंट पुलिस थाने में दर्ज़ की गई है शिकायत

    ज़मीन बिक्री के मामले में राजा सहित 11 लोगों को बनाया गया है आरोपी

    नागपुर

    नागपुर के राजा स्वर्गीय राजे अजीत सिंह के पुत्र राजे रघुजी राव ए. भोसले समेत बारह लोगों के खिलाफ वाराणसी के कैंट पुलिस थाने में मामला दर्ज़ गिया गया है. राजे रघुजी राव ए. भोसले जो सीनियर भोसले पैलेस, नागपुर – 2 के रहिवासी है उनपर जालसाज़ी समेत आईपीसी की धारा 406/420/467/468/471/120 B/506 के तहत फौजदारी मुकदमा दर्ज हुआ है. राजा को वाराणसी की कैंट पुलिस ने 3 सितम्बर को तलब किया है। राजा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट से स्टे ले रखा है, जिसकी अगली सुनवाई 29 अगस्त को है और गिरफ़्तारी पर स्टे खारिज होना तय माना जा रहा है क्युंकि डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुई रेवेन्यू इन्क्वायरी में राजे रघुजी राव ए. भोसले की ओर से फ्रॉड किए जाने की पुष्टि हुई है.

    दरअसल, राजे रघुजी राव ए भोसले की खानदानी प्रॉपर्टी वाराणसी में गंगा किनारे ‘ भोसले घाट ‘ के नाम से है. भोसले घाट को बेचने का सौदा उन्होंने अपने दीवान प्रदीप देशमुख और वकील विश्वनाथ पाण्डेय के ज़रिये नोएडा निवासी सिक्स सेल्स एस्ट्रो गुरुकुल के चेयरमैन अरुण कुमार गुप्ता से किया था. यह सौदा 2.60 करोड़ में तय हुआ था. 15 मई 2013 को दोनों पक्षों के बीच इसको लेकर एग्रीमेंट भी हुआ. अरुण कुमार गुप्ता ने सौदे की शर्तों के मुताबिक़ 83 लाख रूपए का पेमेंट भी कर दिया था. राजे रघुजी राव ए भोसले और अरुण कुमार गुप्ता की आपसी सहमति से इस साल 1 मई को एग्रीमेंट अगली जुलाई तक के लिए एक्सटेंड भी किया गया.

    soochnarthइस बीच राजे रघुजी राव ए. भोसले और उनके कारिंदों ने एग्रीमेंट के बावजूद भोसले घाट प्रॉपर्टी 25 जून को अवंतिका एग्रो सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, वाराणसी को 5.10 करोड़ में बेच दी. इस कंपनी के मालिक आदित्य गुप्ता और उसकी पत्नी अवंतिका गुप्ता एक होटल चलाते हैं जो भोसले घाट से सटा हुआ है.

    आरोप के मुताबिक़ ज्यादा पैसों के लालच में नए सौदे को पूरी तरह जालसाज़ी करके अंजाम दिया गया है. अरुण कुमार गुप्ता को राजा के वकील की ओर से बीती 26 जुलाई को नोटिस भेजा गया की वह लोग एग्रीमेंट को एकतरफा रद्द कर रहे हैं, जबकि 5.10 करोड़ में तय हुए सौदे के एवज में तीस लाख रुपए लेकर अवंतिका एग्रोटेक के मालिकों के फेवर में रजिस्ट्री 25 जून को ही हो चुकी थी.

    सिक्स सेल्स एस्ट्रो गुरुकुल के चेयरमैन ने इन बातों को आधार बनाकर अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस विभाग के आला अफसरों से की, जिसके बाद राजा रघुजी राव ए. भोसले, उनके दीवान प्रदीप देशमुख, वकील विश्वनाथ पाण्डेय, खरीदार आदित्य गुप्ता, उनकी पत्नी अवंतिका गुप्ता समेत बारह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज़ किया गया है. इसके बाद राजे रघुजी राव ए. भोसले ने हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया.

    गौरतलब है की नोटिस भेजने में हुई जालसाज़ी को छिपाने के लिए आरोपी पक्ष ने रजिस्ट्री डॉक्युमेंट में तारीख बदलने का एक और आपराधिक कृत्य किया. डिस्ट्रिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुई जांच में पाया गया कि रजिस्ट्री डॉक्युमेंट में ओवर राइटिंग कर 25 तारीख को 26 तारिख किया गया ताकि अरुण कुमार गुप्ता को भेजे नोटिस को जस्टिफाई किया जा सके.

    रेवेन्यू इन्क्वारी की रिपोर्ट 8 अगस्त को दाखिल कर दी गई है, जिसमें धोखाधड़ी पूरी तरह ज़ाहिर हो गयी है. गंभीर बात यह भी है कि अपना फ्रॉड छिपाने के लिए आरोपी पक्ष ने सरकारी मुलाजिमों के साथ मिलकर सरकारी रेकॉर्ड में हेराफेरी करने की कोशिश की.

    बुरी तरह फंस चुके राजा और अन्य आरोपियों को वाराणसी के कैंट पुलिस स्टेशन में 9 सितम्बर को तलब किया गया है. रेवेन्यू जांच में भूमिका संदिग्ध साबित होने के बाद हाई कोर्ट स्टे को आगे बढ़ाएगा इसकी उम्मीद बेहद कम मानी जा रही है.

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