Published On : Fri, May 30th, 2014

नागपुर : पेंच के मानसिंह देव वन्य जीव अभयारण्य में दिखा ‘चांदी भालू’

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वन्य जीव गणना के दौरान दिखा लुप्तप्राय प्रजाति का प्राणी

नागपुर

मानसिंह देव अभयारण्य में लुप्तप्राय प्रजाति का चांदी भालू.

मानसिंह देव अभयारण्य में लुप्तप्राय प्रजाति का चांदी भालू.

वन्यजीव प्रेमियों और 12 वनकर्मियों को हाल ही में आरक्षित पेंच व्याघ्र प्रकल्प के अंतर्गत पारशिवनी तहसील की दुर्गम पहाड़ियों में अवस्थित घने जंगलों वाले “मानसिंह देव वन्य जीव अभयारण्य” में गत दिनों “चांदी भालू” जैसा विलुप्तप्राय प्राणी तथा बाघ दिखाई दे गया.

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अभयारण्य के वन परिक्षेत्र वन्य जीव अधिकारी एस.एन. देशपांडे के अनुसार वन्य जीव गणना करने वाले भाग्यशाली दल के लोगों के लिए वह अत्यंत रोमांचकारी क्षण था, जब अभ्यारण्य में 3 पटटेवाले बाघ, साही, पाक्यरुपिन किंगफिशर, नीलघोड़ा आदि जैसे वन जीवों के साथ-साथ वह दुर्लभ बन चुका चांदी भालू दिखाई दे गया.
देशपांडे ने बताया कि वन्य जीवों की गणना के लिए 18258.78 हेक्टेयर में फैले इस अभयारण्य में कुल 12 निरीक्षण मचान तैयार किए गए थे. प्रति मचान पर दो व्यक्तियों के बैठने की सुविधा थी. 12 वन्यजीव प्रेमियों (एनजीओ) और 12 वनकर्मियों की देखरेख में गणना की प्रक्रिया पूर्ण की गई.

वन परिक्षेत्र वन्य जीव अधिकारी ने बताया कि अभयारण्य के सालेघाट राऊंड के पठार बीट में स्थित पानी वाले स्थान भुयारधरी के पास साढ़े तीन वर्षीय बाघ शनिवार की शाम 5.40 मिनट पर खापा के वन्य जीव प्रेमी राहुल चकोले को दिखा. राहुल ने इसकी सूचना उन्हें दी.

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24 घंटे की जीव गणना प्रक्रिया के दौरान खरगोश 1, भालू 2, नीलगाय 1, तेंदुआ 1, बायसन (जंगली भैंसा) 25, चीतल 16, सांभर 4, मोर 14, बंदर (लाल मुंह) 1, लोमड़ी 2, जंगली सुअर 40, चांदी अस्वल 1, नेवला 6, भेकर 3, सियार 2, उदबिलाव 2, सारज 2, वही पक्षी प्रजाति मेंओरियन बुड़ 3, पिकर कॉमन 2, लोगर ब्लैक 15, ड्रोंगो 4 तथा जंगली मुर्गा 2 2, जल स्त्रोतों वाले स्थान के आसपास विचरण करते देखे गए.

दुर्भाग्य से उस रात मध्यम गति की बारिश होने और आसमान बदरीला होने की वजह से चांद की रोशनी कम थी फिर भी नवनिर्मित अभयारण्य में प्रथम बार ही की गई वन्यजीव गणना में दर्ज 149 वन्य जीव की संख्या से वन विभाग व वन्य जीव प्रेमियों में उत्साह देखा गया. वन्य जीव गणना 14 मई की दोपहर 12 बजे से 15 मई की दोपहर 12 बजे तक थी.

लुप्तप्राय प्रजाति श्रेणी का चांदी भालू
विलुप्तप्राय प्रजाति के श्रेणी के चांदी भालू की अभ्यारण्य में मौजूदगी की पुष्टि वन अधिकारियों ने की है. उसी प्रकार अभ्यारण्य में 3 पटटेवाले बाघ, जंगली कुत्ते, चौसिंघा, बंदर, नीलगाय (मादा), साही, पाक्यरुपिन किंगफिशर, नीलघोड़ा बहुतायत में मौजूद हैं.

मानसिंह देव अभयारण्य, सालेघाट :
पारसिवनी तहसील के एफडीसीएम के दो राउंड घाट कुकड़ा और अंबाझरी को मिलाकर 2 नवंबर 2010 को मानसिंह देव नाम से घोषित यह आरक्षित अभयारण्य 18258.78 हेक्टेयर वन भूमि में फैला है. अभयारण्य में 3 प्रवेश द्वार हैं. जिसमें से मुख्य द्वार खुबाड़ा में स्थित है. यहीं से पर्यटकों को प्रवेश दिया जाता है. अभयारण्य में प्राकृतिक जलस्त्रोत की संख्या 8 है, जबकि वन विभाग द्वारा 16 वाटर होल का निर्माण कर परिसर में रपटे बंधारे जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई है. उसी प्रकार अभयारण्य की सुरक्षा के लिए 3 विशाल वॉच टावर है, जिसके माध्यम से 24 घंटे वन सुरक्षा प्रहरी निगरानी करते हैं. एम.एस. रेड्डी मुख्य वन संरक्षक नागपुर तथा श्री राउत विभागीय वन अधिकारी नागपुर के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र अधिकारी एस.एन. देशपांडे गत 4 वर्षों से मानसिंह देव वन्य जीव अभयारण्य का कामकाज संभाल रहे है.

26 जनवरी 2014 को पर्यटकों के लिए अभयारण्य खोला गया है.

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