Published On : Sun, Jun 1st, 2014

नवेगाँव बाँध : झांसीनगर का हल निकालने के लिए विधायक राजकुमार बड़ोले ने ली बैठक

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नवेगाँव बाँध

BJP meeting
झांसीनगरएक पुनर्वसित गाँव है. इस गाँव की ज़मीन महसूल विभाग की है या वनविभाग की है ये बहस काफी वक्त से चली आ रही है. गाँव के नागरिकों को इसके कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है. इस समस्या के हल के लिए अर्जुनी-मोर विधानसभा क्षेत्र के विधायक राजकुमार बड़ोले ने वनविभाग, महसूल विभाग, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की नवेगाँव बाँध परिसर में संयुक्त बैठक ली.

झांसीनगर गाँव 1969 में पुनर्वसित किया गया था. तम्बूरा परिसर के 700 एकड और व राखीव वन के 800 एकड़ ज़मीन कुल मिलाकर 1500 एकड़ ज़मीन पर ये गांव बसाया गया था. उस वक्त वनविभाग ने वो ज़मीन पुनर्वसन विभाग को दी, पुनर्वसन विभाग ने महसूल विभाग को दी और महसूल विभाग ने ज़मीन झाँसीनगर गाँव को दी. इस ज़मीन से जुड़े सारे कागज़ महसूल विभाग की ओर से दिए जाते है लेकिन वनविभाग ने अपने रिकॉर्ड से ज़मीन का मालकी हक़ नहीं हटाया है. लोग वनविभाग और महसूल विभाग के बीच पीस रहे हैं.

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आयोजित संयुक्त बैठक में सकारात्मक हल निकलने की जानकारी नागरिकों ने दी. इटियाडोह बाँध, वनविभाग व महसूल विभाग संयुक्त रूप से सर्वे करके ये ज़मीन वनविभाग के रिकॉर्ड में से हटाए जाने का प्रस्ताव उपवनसंरक्षक रामाराव ने स्वीकार किया है.

बैठक में विधायक राजकुमार बड़ोले, पूर्व विधायक दयाराम कापगने, उपवनसंरक्षक रामाराव, प्रकाष्ठ निष्कासन अधिकारी मनोहर गोखले, अर्जुनी-मोर के तहसिलदार संतोष महाले, आर ऍफ़ ओ मैहर, जी प सदस्य मधुकर मरसकोल्हे, विजय अरोरा, पं स सदस्य किशोर तरोने, क्षेत्र सहायक रविन्द्र ढोते व झांसीनगर के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे.

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