पुलिस ज्यादती के खिलाफ वरघाट के ग्रामीणों का आंदोलन
देवलापार (नागपुर)
देवलापार पुलिस की ज्यादती से त्रस्त रविवार को रामलाल आत्राम (63) नामक वृद्ध द्वारा अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लेने की घटना से रामटेक तहसील के वरघाट में अत्यधिक तनाव निर्माण हो गया और तूल पकड़ते इस मामले के कारण सोमवार को दोपहर में ग्रामीणों ने दोषी पुलिस कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग को लेकर देवलापार थाने के सामने वृद्ध का शव रखकर घेराव किया और नागपुर-जबलपुर महामार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन भी किया. इसकी वजह से करीब ढाई घंटे तक यातायात ठप रहा. दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच कर कारर्वाई करने के अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त किया.
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को शाम को वरघाट आए सहायक पुलिस उपनिरीक्षक नारायण देवगड़े, सिपाही राजेश पाली सहित 6 पुलिस कर्मी तीन मोटरसाइकिलों में से एक ने रामलाल को कट मार दी. इस पर रामलाल ने उनसे गालीगलौज कर दी. इसपर पुलिस कर्मियों ने रामलाल के साथ गांव में ही मारपीट की और उसे देवलापार थाने ले गए. वहां उसके खिलाफ अवैध दारू बिक्री का मामला दर्ज कर उसे फरार दिखाकर छोड़ दिया. रविवार की शाम को नारायण देवगड़े और उसके साथियों ने रामलाल और उसके पड़ोसी लक्ष्मण कोडवते के घर की डेढ़ घंटे तक तलाशी ली. लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा. उसके बाद पुलिस ने रामलाल के साथ गालीगलौज की व गिरफ्तार न कर वहां से निकल गई.
इसके बाद शाम को लगभग 6 बजे रामलाल ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस अधीक्षक डॉ. आरती सिंह को जानकारी दिए जाने के बाद रात लगभग 8 बजे देवलापार पुलिस वरघाट पहुंची. तब ग्रामीणों ने सहायक पुलिस उपनिरीक्षक नारायण देवगड़े को घटनास्थल पर बुलाने की मांग करते हुए पुलिस को शव को हाथ नहीं लगाने दिया. इससे तनाव निर्माण हो गया था. उसके बाद अतिरिक्त पुलिस कुमुक बुलाई गई थी.
थानेदार हृदयनारायण यादव ने क्षुब्ध ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया था. इस संदर्भ में मृतक रामलाल के एक करीबी ने बताया कि पुलिस ने रामलाल से 5 हजार रुपए मांगे थे. पैसे नहीं देने पर गिरफ्तार करने की धमकी दी थी. ग्रामीणों ने बताया कि रामलाल न दारू पीता था और न ही बेचता था. दोषी पुलिस कर्मियों के घटनास्थल नहीं पहुंचने से स्थिति विस्फोटक हो गई थी.
इस बीच उपविभागीय पुलिस अधिकारी डॉ. दीपक सालुंके रात करीब 10.15 बजे घटनास्थल पहुंचे. उन्होंने ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया. उन्होंने ग्रामीणों का बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम रामटेक में कराने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर ग्रामीण शांत हुए. देर रात करीब 11.30 बजे बयान दर्ज किए गए. मध्यरात्रि 1 बजे रामटेक के शासकीय अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया.
दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई कारर्वाई नहीं होता देख क्षुब्ध ग्रामीणों ने सोमवार को दोपहर लगभग 2 बजे रामलाल के शव को पुलिस थाने के सामने रखा और रास्ता रोको आंदोलन शुरू र दिया. रोड पर टायर जलाए गए. इससे नागपुर-जबलपुर महामार्ग पर करीब ढाई घंटे तक यातायात ठप रहा. ग्रामीण नारायण देवगड़े, राजेश पाली सहित अन्य चार पुलिस कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग कर रहे थे. दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच कर कारर्वाई करने के अधिकारियों के लिखित आश्वासन के बाद ही ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त किया.
स्थिति पर नियंत्रण रखने के लिए रामटेक, अरोली, पारशिवनी व कन्हान से अतिरिक्त पुलिस कुमुक बुलाई गई थी.
LIVE | NEWS BULLETIN NAGPUR TODAY
ASTRO BUZZ | Weekly Talk – Episode 3 | 23–29 August Predictions
LIVE | NEWS BULLETIN NAGPUR TODAY
LIVE | NEWS BULLETIN NAGPUR TODAY
चीनी की महंगाई पर अनोखा आंदोलन! पेट्रोल पंप पर बांटी चीनी #SugarPrice...
चीनी की जमाखोरी पर प्रशासन का बड़ा एक्शन! #sugarprices #SugarHoarding #MaharashtraNews #newsupdate





