Published On : Thu, May 8th, 2014

चिमुर : इंतजार था ख़ुशी का और टूूूटा गमों का पहाड़


दुर्घटना में एक की मृत्यु, एक घायल


चिमुर

विवाह की पहली वर्षगांठ का इंतजार हर दंपत्ति को होता है. राजकुमार हरीशचंद्र सोरदे को भी था. वह अपनी शादी की पहली सालगिरह मनाने की तैयारी कर रहा था, मगर उसकी पत्नी को क्या पता था कि सालगिरह के दिन ही उसे पति की लाश देखने को मिलेगी.

यहां से कुछ दूरी पर स्थित नवेगांव पेठ निवासी 27 वर्षीय राजकुमार अपने मित्र जयंत दादाजी थेरकर के साथ एक विवाह समारोह में हिस्सा लेने चंद्रपुर गया था. वापसी के समय वहानगांव में उनकी दुपहिया क्रमांक एम. एच. 34 एफ 3758 एक गड्ढे में जा गिरी. दोनों दूर फेंके गए. इस दुर्घटना में राजकुमार की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि जयंत जख्मी हो गया. घटना रात 8 बजे के आसपास की है. चिमुर तहसील कार्यालय के पास राजकुमार की पान की दुकान थी. वह अपने पीछे माता-पिता और पत्नी सहित भरापूरा परिवार छोड़ गया है.

Representational Pic

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