Published On : Sat, Aug 9th, 2014

चंद्रपुर : हर तहसील से 1 गांव का चयन


भूमि अभिलेख का गांवठान नगर भूमापन अभियान

चंद्रपुर

bhoomapan
वर्तमान में भूखंडों का स्वामित्व अधिकार स्पष्ट करने के लिए जिला अधीक्षक भूमि अभिलेख कार्यालय की ओर से गांवठान नगर भूमापन मुहीम शुरू की गई है. इसके लिए प्रत्येक तहसील में एक गांव का चयन किया गया. मुहीम से ग्रामीण को उसकी भूमि का मालिकाना अधिकार प्राप्त होगा. महाराष्ट्र भूमि राजस्व अधिनियम के तहत 2,000 से अधिक जनसंख्या वाले किसी भी गांव, शहर या शहरी क्षेत्र की जगह का धरा 126 की उपबंध के तहत भूमापन करने की व्यवस्था लागू की गई है. प्रशासकीय, राजकोषीय और कानून इस 3 उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उक्त मुहीम चलायी जा रही है.

बनाए जा रहे नक़्शे
बल्लारपुर तहसील के पलसगांव और वरोरा तहसील के एकार्जुना गांव में गांवठान भूमापन हद्द सर्वे नंबर की सूची अनुसार जांच के लिए निश्चित की गई है. डाक, पुलिस, विद्युत, स्वछता, जनगणना आदि विभागों, नगर परिषद क्षेत्र में स्थानीय स्वराज्य संस्था के उपयोग के लिए शहरी रास्ते, मकान, कार्यालय आदि प्रदेश वर्णात्मक विवरण दर्शानेवाले सटीक नक्शे बनाने का प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है. जलपूर्ति, ड्रेनेज सिस्टम, ट्रामवेज, विद्युतीकरण, गैस एवं दूरभाष कनेक्शन आदि योजना के लिए हमेशा नक्शों की आवश्यकता पड़ती है. इसी तरह शैक्षणिक संस्था, वैद्यकीय सहायता, अग्निशमन उपाय, जकात वसूली आदि सभी बातों के लिए भी शहर के सटीक नक्शे का काम होता है. इसके चलते इस मुहीम में नक्शे अद्यवत होंगे.

हटेगा अतिक्रमण
भूमि से मिलने वाले राजस्व का निर्धारण, भविष्य में राजस्व का विकास की और ध्यान, सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कर संरक्षण करने एवं भूमि की बिक्री अथव चोरी छिपे बिक्री पर अंकुश लगाने का राजकोषीय उद्देश्य है. वर्तमान भूखंड के स्वामित्व अधिकार को स्पष्ट करने, उचित हो उसका समर्थन करने, उसका उत्तम तरह से निर्धारण करने, जो अनुचित हाउस दूर कर स्वामित्व धारकों में विवादों का निपटारा करने, निजी दावेदार व स्थानीय संस्था अथवा सरकार के बीच अधिकारों से संबंधित शंकाओं का निराकरण करने का भी क़ानूनी पहलु से इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य है.

निश्चित होगी सीमा
जिले में भूमि अभिलेख विभाग की ओर से वर्ष 2011 में जनगणना के तहत 2000 से अधिक जनसंख्या वाले 15 गावों की नगर भूमापन योजना लागू करने के लिए चंद्रपुर जिले में ताडाली, भद्रावती-घोड़पेठ, वरोरा-एकार्जुन, चिमूर-वडाला पैकू, नागभीड़-कान्पा, सिंदेवाही-लोनवाही, मूल फिस्कुटी, सावली-व्यहाड खुर्द, गोंड़पिपरी-वढोली, पोंभुर्ण-नवेगांव मोरे, बल्लारपुर-पलसगांव, राजुरा-देवाड़ा, कोरपना-कोरपना एवं जिवती-पाटण आदि गावों का चयन किया गया है. इस संदर्भ में जिला भूमि अभिलेख विभाग के अधीक्षक अभय जोशी का कहना है इस मुहीम के कारण गांव नक़्शे और गांवठान सीमा निश्चित होगी इससे भूखंड मालिक भूमि स्वामित्व अधिकार स्पष्ट होने में सहायता मिलेंगी गांवठान नगर भूमापन योजना से अन्य सुविधा मिलने में आसानी होगी.