Published On : Thu, Jun 5th, 2014

चंद्रपुर : वेकोलि का उत्खनन महाप्रबंधक रिश्वत लेते गिरफ्तार

Advertisement


बिल की मंजूरी के लिए ठेकेदार से ले रहा था 3 हजार रुपए


चंद्रपुर

वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) के ठेकेदार अविनाश धोटे से बकाया बिल की मंजूरी के बदले 3 हजार की रिश्वत लेते हुए वेकोलि के उपक्षेत्रीय उत्खनन महाप्रबंधक सीताराम तिवारी को आज 5 जून को रंगे हाथों पकड़ लिया गया. नागपुर के सीबीआई दल ने यह कार्रवाई सीजीएम कार्यालय परिसर में की. इस कार्रवाई से वेकोलि के अधिकारियों में खलबली मच गई है. चार माह पहले ही तिवारी को पदोन्नत कर उत्खनन महाप्रबंधक बनाया गया था.

मांगे थे चार हजार
वेकोलि की दुर्गापुर ओपन माइंस में वेल्डिंग का ठेका धोटे के पास है. धोटे का 27 हजार का बिल वेकोलि पर बकाया था. बिल हासिल करने के लिए धोटे ने उत्खनन महाप्रबंधक सीताराम तिवारी के पास प्रस्ताव पेश किया. लेकिन, बिल की मंजूरी के लिए तिवारी ने धोटे से 4000 रुपए रिश्वत की मांग की. धोटे ने नियमानुसार काम करने का हवाला देते हुए रिश्वत देने से मना कर दिया. इसके चलते पिछले कुछ माह से धोटे का बिल बकाया ही पड़ा था.

Advertisement
Advertisement

तलाशी, छानबीन
थक-हारकर धोटे ने तिवारी को रिश्वत देने की बात मान ली, लेकिन साथ ही इसकी शिकायत सीबीआई नागपुर को भी कर दी. शिकायत के बाद सीबीआई के दल ने रैयतवारी वेकोलि के सीजीएम कार्यालय में जाल बिछाया. योजना के मुताबिक सीबीआई के दल ने उपक्षेत्रीय उत्खनन महाप्रबंधक सीताराम तिवारी को 3000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया. तिवारी की गिरफ़्तारी के बाद उनके कार्यालय की तलाशी ली गई. उनकी फाइल्स और अन्य कागजात की छानबीन की गई. पद्मापुर के कार्यालय की भी छानबीन की गई. देर शाम तिवारी के घर की भी तलाशी ली गई.

Representational Pic

Representational Pic

Advertisement

Advertisement
Advertisement
 

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement