Published On : Mon, Jul 21st, 2014

गोंदिया : विधायक गोपालदास अग्रवाल के प्रयत्नों से राज्य मंत्रीमंडल की बैठक में


नझुल पट्टा धारको को बड़ी राहत…

गोंदिया

Gopaldasji_Agrawal_MLA_Gondiaराज्य मंत्रीमड़ल विधायक गोपालदास अग्रवाल के प्रयत्नों से नझुल पट्टा धारको को और अधिक राहत देते हुए प्रचलित कानुनों में कुछ और बदलाव व संसोधन करने का प्रस्ताव लिया गया है. जिससे निश्चित रूप से राज्य के नझुल पट्टा धारको को बड़ी राहत मिलने संभावना है. यह विशेष उल्लेखनीय है. इसके पुर्व अनाधिप्रत हस्तांतरण या वापर बदल के दोनो प्रकार की शर्तभंग कि स्थिती में नझुल पट्टे को नियमीत करने लिए प्रचलित बाजार मुल्य 25 प्रतिशत रकम जमा करने का निर्णय था. मंत्री मंडल द्वारा लिए गये निर्णय के बाद अब आखरी शर्ताँग की तारीख के बाजार मुल्य आधार पर अर्नजित रकम लेने का निर्णय लिया गया है. ऐसी परिस्थिती में अगर नझुल पट्टे का अनाधिकृत हस्तांतरण हुआ है तो हस्तांतरण के नोदणीकृत दस्तावेज की तारीख का बाजार मुल्य से 25 प्रतिशत अर्नजित रकम वसुली जायेगी वही हस्तांतरण के नोंदणी बाबत दस्तावेज उपलब्ध नही होने की स्थिती में पहले हस्तांतरण पंजीबंद्व कराकर उस तारीख के बाजार मुल्य अनुसार अर्नजित वसुली जायेगी. वही अर्नाधिकृत वापर बदल के लिए नगर परिषद द्वारा जारी मान्यता की तारीख के आधार पर अर्नजित रकम वसुली होगी. इस हेतु शॉप लायंनस, गुमास्ता या अन्य संवेधानिक उपलब्ध कराने पर उक्त लायसंस की तारीख के बाजार मुल्य के आधार पर अर्नजित रकम की वसुली की जायेगी.

शासन द्वारा नझुल पट्टों के नविनीकरण हेतु जारी शासन निर्णय दिनाकं 28/12/2011 के अनुसार नझुल पट्टे पर हस्तांतरण करने कि अनुमती होने तथा नझुल पट्टे खुले निलामी के माध्यम से प्राप्त होने की दोनो शर्तं पुर्ति होने पर ही अर्नजित रकम में छुट दी जा सकती थी. जिस अनुसार प्रिमियम दर पर खरीदें गये भाडे पट्टे पर छुट नही दी गई थी. मंत्रीमंडल के बैठक में हुए निर्णय अनुसार नझुल पट्टे पर हस्तांतरण की अनुमती लीखी होने या नझुल पट्टाले लिलाव के माध्यम से प्राप्त होने या प्रिमियम दर पर प्राप्त होने की स्थिती में सभी प्रकरणों पर अर्नजित रकम वसुली पर छुट लागु रहेगी. ऐसा निर्णय मंत्री मंडल की बैठक में लिया गया जिससे पुरे राज्य में 36791 नझुल पट्टे नविनीकरण अर्नजित रकम वसुली में बड़ी छुट मिलने की संभावना राज्य सरकार ने व्यक्त की है.

ज्ञात रहे की नझूल पट्टाधारको के लिए पिछले 10 वर्षो से चली आ रही अर्नलित रकम वसुली एवंम अन्य अडंचनो को ध्यान में रखते हुए विधायक गोपालदास अग्रवाल महसुल विभाग के पेचिदा व अप्रासंगिक हो चुुके नियमों को दुरूस्त करने का प्रयास कर रहे है. दिसंबर 2011 में गोपालदास अग्रवाल के प्रयत्नों से राज्य सरकार ने नियमों में काफी सुधारकर जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए भारी बदलाव नयी सुविधावों के साथ अनेकों अडचनो को दूर करने के लिए विधायक के प्रयत्न सफल हुए.

अक्टुबर 2012 में अर्नजित रकम व अन्य करों के बारे में सुधारित आदेश निकाले जाने के बाद विशेष रूप से गोंदिया शहर मे जहाँ नझूल पट्टे भाडे पर दिये गये है या लिलावके माध्यम से लिए गये है उनका नागरिकों या महसुल विभाग कोई रिकार्ड नही है ऐसे पट्टाधारको से ली जा रही अर्नजित रकम के निपटारे हेतु मार्च 2012 के विधान सभा संत्र से विधायक द्वारा सतत प्रयत्नों के बाद विर्दभ के सभी विभागीय आयुक्त एंवम जिलाधिकारीयों की अनेकों बैठको के बाद शासन ने आदेश जारी किए थे.

विधायक गोपालदास के प्रयत्नों से राज्य के महसुल मंत्री बालासाहेब थोरात ने दिस बर 2012 में आदेश जारी कर महसुल विभाग को निर्दश दिया था कि जिन नझूल पट्टे के जारी करने बाबद उक्त नट्टे लीज पर आवंटित किये गये है या जाहीर निलामी के माध्यम से तत्कालीन किमत लेकर दिये गये है. ऐसे सभी पट्टों को जाहीर निलामी प्रकिया से जारी किये गये ऐसा माना जाये व उसी अनुसार पट्टे का नवीनीकरण शुल्क लगाया जाये. इस हेतु सभी पट्टाधारकों को जिल्हाधिकारी के समक्ष संबंधित पट्टे नीलामी से लिए गये है ऐसा हलफनामा पेश करना होगा. जिस पर महसुल विभाग योग्य जांच कर जिलाधिकारी को 60 दिनों में अपना निर्णय देंगा. गोंदिया शहर के कुल 2495 पट्टों में से महसुल विभाग के पास मात्र 400 पट्टों की जानकारी उपलब्ध है. इस संदर्भ में विधायक गोपालदास अग्रवाल के अनुरोध पर महसुल मंत्री बालासाहेब थोरात ने मंत्रालय में महसुल विभाग के अधिकारीयों नागपुर तथा अमरावती के विभागीय आयुक्त एवं भंडारा-गोंदिया के जिलाधिकारीयों की उपस्थिती में विशेष बैठक ली थी, जिसमें गोपालदास अग्रवाल ने बताया था कि शर्त भंग की स्थिती में महसुल विभाग द्वारा पट्टों के नवीकरण के लिए पट्टों के आज बाजार मुल्य की दर से अनर्जीत रक्कम वसूल रहा है, जबकि गोंदिया शहर के सभी नझूल पट्टे जाहीर निलामी के माध्यम से या प्रिमियम पर खरीदे गये है तथा पट्टो में शर्म भंग कि स्थती में 500 रूपये अधिकतम शुक्ल लगाने का ही प्रावधान है. थोरात के विभाग अधिकारीयों से इस संदर्भ में जानकारी मांगी थी तब जिलाधिकारी गोंदिया ने बताया था कि 1940 के पूर्व दिए गये गए पट्टों का जिला प्रशासन के पास कोई रिकॉर्ड नही है. इस पर विधायक गोपालदास अग्रवाल ने कहा कि गोंदिया शहर में लगभग सभी पट्टे निलामी के माध्यम से प्रिमियम पर ही दिए गये है. सरकार के पास रिकॉर्ड नही होने के लिए स्थानीय पट्टेधारक जि मेदार नही है. संपूर्ण परिस्थती को ध्यान में रखते हुए विधायक गोपालदास अग्रवाल की मांग पर अंतत: महसुल मंत्री थोरात ने नझूल पट्टाधारकों के हित में बडी राहत देने हेतु मंत्री मंडल में बैठक का प्रस्ताव रख अर्नजित कर मुद्दे को सुलजाने हेतु शासन ने सकारात्मक निर्णय लेकर विर्दभ कि जनता को न्याय दिया है. यह विशेष उल्लेखनीय है.