Published On : Thu, Sep 4th, 2014

गोंदिया : झूठे विकास का आईना दिखाने वालों से जनता सावधान रहें – गप्पू गुप्ता

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शहर का पश्चिमी-उत्तरी क्षेत्र हुआ गप्पूमय

घर-घर से मिल रही जनहित की जीत के लिए दुआएं

Gappu gupta Padyatra
गोंदिया

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जब कोई अपनी चैन-सुख की जिंदगी छोड़कर दूसरों के बिगड़े काम बनाने की चाहत रखकर रास्ते में उतरता हैं तो उसे निस्वार्थ ऐसा जनसैलाब प्राप्त होता है. आज अशोक (गप्पू) गुप्ता जिन जनहित के मुद्दों को लेकर वार्ड-वार्ड में पदयात्रा कर न्याय की लड़ाई लड़ रहें है असल में उस संकल्पना को युवाओं ने कंधा से कंधा मिलाकर पूरा करने का साहस दिखाया है. उसी का प्रतिफल है कि शहर की पदयात्रा में अशोक (गप्पू) गुप्ता को युवाओं का भारी जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है.

प्रभाग क्र. 2 में डाॅ. आभा सोनकिया के दवाखाने के समीप से शुरू हुई जनचेतना पदयात्रा अपनी ज्वलंत मांगों का स्वर बुलंद कर पुनाटोली, सरस्वती स्कूल, विशाल मेगामार्ट, गड्डाटोली, ईदगाह परीसर, डाॅ. बजाज लाइन, बसंत नगर, मरारटोली होते हुए विजय नगर हनुमान राइस मिल के समीप संपन्न हुई.

अशोक (गप्पू) गुप्ता ने अपने जनचेतना पदयात्रा के दौरान जनता को आगाह करते हुए कहा कि, झूठे विकास का आईना दिखाने वालों से अब हमें सतर्क हो जाना चाहिए. हमनें विकास के नाम पर स्थानिय जनप्रतिनिधी को पूरे-पूरे एक दशक का अवसर दिया है परंतु सच्चाई यह है कि आज भी अन्य शहरों के मुकाबले हमारा शहर विकास से कोसो दूर है. शासकीय योजनाओं के कार्यो में अपनी इतिश्री बटोरने वाले नेताओं का असली मुखौटा जनता-जनार्दन के सामने आ चुका है जिसे छुपाने के लिए वे बगले झांक रहे है. उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर आज हम जो पदयात्रा कर रहे हैं. अगर हमारे जनप्रतिनिधी इन मांगों और समस्याओं को पूरा करने में सक्षम होते तो हमें भविष्य में ऐसी पदयात्रा निकालनी नहीं पड़ती. अब इनकी करनी और कथनी को समझने का वक्त आ गया है. हमें कैसा जनप्रतिनिधी चाहिए ये जनता को अब समझना होगा तथा निर्णयात्मक भूमिका अदा करनी होगी.

पदयात्रा को सफल बनाने में विनायक खैरे, समीर बैस, रमेश कुरील, नाजुक शेंडे, पप्पु पटले, गोपाल अजनीकर, पंकज शिवनकर, विजय उके, अंचल गिरी, निलू इटानकर, बबलु पटले, विशाल गलानी, आकाश जायसवाल, अनील मेश्राम, नागरतन बंसोड, जितू शिवणकर, पप्पी शेख, रवि चैरसिया, प्रशांत ठाकुर, खुबलाल दीप, मुन्नू शुक्ला, पंकज शुक्ला, अमीत बोरकर, प्रदीप चैधरी, राहुल खिलावत, राजेश चापेकर, सतनाम चावला, देवा कापसे, बबलू भरने, तालीब बेग, मनोल मिश्रा, आनंद जतपेले, विरेन्द्र वाल्दे, रौनक ठाकुर, बिट्टू गुप्ता, अतुल मारचट्टीवार, महेन्द्र भाटिया, देवेन्द्र वाघाये, बाबु गुप्ता, रोहित गुप्ता, निलेश बहेकार, आशिष बोपचे, बबलु कावडे, भुवन सोनवाने, सोनु यादव, शरद चैहान, विजू मोहनकर, सोम राजुरकर, बंटी बिसेन, प्रशांत बोरकर आदि सैकडों समर्थक उपस्थित थे.

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