Published On : Sun, Aug 17th, 2014

खामगांव : टोल नाके पर बिकते हैं बिस्कुट


5 रुपए के बदले दिए जाते हैं बिस्कुट के पैकेट, रोज बिकते हैं 1800 पैकेट


खामगांव

Biscuits sales on khamgaon toll naka
स्थानीय बायपास मार्ग पर रावणटेकड़ी के निकट बना टोल नाका इन दिनों बिस्कुट बिक्री केंद्र बन गया है. इस टोल नाके पर हर रोज बिस्कुट के करीब 1800 पैकेट बेचे जा रहे हैं. और यह सब चिल्लर पैसों के नाम पर हो रहा है. आपको बिस्कुट खानी हो या नहीं, मगर लेना जरूर पड़ता है, नहीं तो चिल्लर पैसे नहीं दिए जाते. वाहनचालक नाराज तो हैं, मगर उसकी चिंता किसी को नहीं है.

उधर चॉकलेट, इधर बिस्कुट
अक्सर होटलों, किराना दुकानों अथवा पान की टपरी पर 1 या 2 रुपए चिल्लर नहीं होने पर चॉकलेट पकड़ा दी जाती है. अब हम सब इसके आदी भी हो चुके हैं. इसलिए कुछ बोलते नहीं. लेकिन यह ‘देशद्रोह’ के तहत आता है. चॉकलेट या बिस्कुट को चिल्लर पैसों की तरह (करेंसी के रूप में) इस्तेमाल करना कानूनी रूप से गुनाह है. लेकिन स्थानीय बायपास मार्ग के टोल नाके पर यह सब बेधड़क चल रहा है.

एक शिफ्ट में 576 पैकेट का धंधा
इस टोल नाके में कुल 6 बूथ हैं और तीन शिफ्टों में काम चलता है. हर बूथ पर कर्मचारियों की ड्यूटी शुरू होने से पहले ही उन्हें बिस्कुट के पैकेट थमा दिए जाते हैं. उसके बाद शुरू होता है बिस्कुट बेचने का धंधा. टोल टैक्स भरने के बाद 5 रुपए खुले वापस नहीं किए जाते, बल्कि उसके बदले 5 रुपए वाला बिस्कुट का एक पैकेट थमा दिया जाता है. इस तरह हर बूथ पर 8 घंटे की एक शिफ्ट में बिस्कुट के 8 बड़े डिब्बे खाली हो जाते हैं. हर डिब्बे में बिस्कुट के 12 पैकेट होते हंै. यानी हर बूथ पर 96 पैकेट और टोल नाके के सभी 6 बूथों पर 576 पैकेट एक शिफ्ट में खपा दिए जाते ैहैं. इस तरह तीन शिफ्टों में कुल 1728 पैकेट बिस्कुट बेच दी जाती है.

हजारों की कमाई
अगर माना जाए कि हर पैकेट पर 50 से 75 पैसे बचते हैं तो ठेकेदार महीने के हजारों रुपए की अतिरिक्त कमाई कर रहा है. ठेकेदार का टोल नाके पर बिस्कुट बिक्री का यह सहायक धंधा खूब फल-फूल रहा है. आक्रमण सेना के पदाधिकारी रवि मोरे, गौतम नाईक ने इस मामले का खुलासा किया है. हालांकि अब तक किसी ने टोलनाके वाले के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराई है.


राजस्थान में देशद्रोह का मामला दर्ज, साढ़े 3 लाख जुर्माना
बताया जाता है कि राजस्थान में भी एक टोल नाके पर ऐसा ही बिस्कुट बेचने का धंधा खूब चलता था. इसके विरोध में कुछ ट्रक वालों ने शिकायत की थी. इसके बाद उस ठेकेदार के खिलाफ बिस्कुट को करेंसी के रूप में चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया था. बताया जाता है कि मामला अदालत में पहुंचा था और अदालत ने उस टोलनाके के ठेकेदार पर साढ़े 3 लाख का जुर्माना लगाया था.