Published On : Thu, Jun 19th, 2014

कोंढाली : ये बस स्टैंड है या कीचड़-गंदगी से भरा तालाब

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कोंढाली बस स्टैंड पर अव्यवस्था, असुरक्षा और गड्ढों का आलम

कोंढाली

Kondhali bus stand
नागपुर- अमरावती राष्ट्रीय महामार्ग पर स्थित कोंढाली का बस स्टैंड सबसे व्यस्त माना जाता है. इस बस स्टैंड का नवीनीकरण गत दस माह से चल रहा है. इसके चलते पूरा बस स्टैंड अस्तव्यस्त हो गया है. जगह-जगह गड्ढे पड़ गए हैं. पहली ही बारिश में कोंढाली बस स्टैंड तालाब बन गया है. इस वजह से परिसर में कीचड़ तथा गंदगी फैल गई है.

9 माह में होना था पूरा
गत 52 वर्ष पुराने कोंढाली बस स्टैंड का नवीनीकरण काटोल के कॉन्ट्रैक्टर एम. आर. कालबांडे कर रहे हैं. 52 लाख रुपए में उन्हें कॉन्ट्रैक्ट मिला है. यह कॉन्ट्रैक्ट 12 अगस्त 2013 को दिया गया था. इस निर्माणकार्य की कालावधि 9 माह थी. इस काम का प्रस्तावित निर्माणकार्य 11 मई 2014 को पूरा होना था. मात्र एस.टी. के अधिकारियों की लापरवाही व कॉन्ट्रैक्टर के गलत विनियोजन की वजह से आज भी यहां का निर्माणकार्य पूरा नहीं हो पाया है.

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सड़क पर रुक रही बसें
दरअसल, योजना कुछ इस तरह से बनाई जानी चाहिए थी कि बस स्टैंड के निर्माणकार्य के दौरान यात्रियों को असुविधाओं का सामना न करना पड़े. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. बस स्टैंड के गंदे पानी को बाहर निकालने की व्यवस्था भी नहीं की गई. परिणाम यह हुआ कि पहली ही बारिश में पानी बस स्टैंड में जमा हो गया, जिससे बस स्टैंड को तालाब का स्वरूप आ गया है. इससे यात्रियों को काफी तकलीफों का सामना करना पड रहा है.
बस स्टैंड में पानी जमा होने से बस चालक बस को बस स्टैंड पर रोकने की बजाय महामार्ग पर ही रोक देते हैं. इससे महामार्ग पर दुर्घटना हो सकती है. इससे यात्रियों में डर पैदा हो गया है.
Kondhali bus stand

4-6 माह और लगेंगे
बताया जाता है कि एस.टी.महामंडल के निर्माणकार्य अधिकारी व कॉन्ट्रैक्टर द्वारा सही विनियोजन नहीं करने की वजह से बस स्टैंड में कीचड़ व गंदगी फैली हुई है तथा महिला- पुरुष यात्रियों को शौचालय में जाने में भी बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. एस.टी बस स्टैंड का निर्माणकार्य जिस गति से चल रहा है उसे देखकर लगता नहीं कि काम 4 से 6 माह से पहले पूरा हो जाएगा.

कीचड़ पर डालेंगे मुरूम : खांडेकर
इस प्रकरण में एस.टी. के निर्माणकार्य अधिकारी खांडेकर ने बताया कि जहां कीचड़ हुआ है वहां पर मुरूम डाला जाएगा. लेकिन यात्रियों को पानी व कीचड़ से छुटकारा कब मिलेगा, इस बारे में वह अनुत्तरित हैं.

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