Published On : Wed, Jul 23rd, 2014

कोंढाली : नए 33 के.व्ही. बिजली पोल गिरे


बड़ी दुर्घटना टली

पांजराकाटे से मासोद परिसर में पोल गिरे

निर्माणकार्य कॉन्ट्रैक्टर व अधिकारीयों की जांच की मांग

कोंढाली

33 kv
बिजली वितरण कंपनी के काटोल विभाग के अंतर्गत आनेवाले कोंढाली उपविभाग में लगाये गए नए 33 के.व्ही बिजली पोल शुरू होने के पहले ही गिर गए है. पहली बारिश में ही इस बिजली पोल निर्माणकार्य में हुआ घोटाला उजागर हुआ है.

उक्त नए बिजली वाहक पोल 33 के.व्ही. बाजारगांव से भासोद उपकेन्द्र को जोड़ता है. इसके निर्माणकार्य का कॉन्ट्रैक्ट प्लान 1 में आता है. उक्त प्लान इन्फ्राप्लान फेज 2 मुंबई 0809/6572 दिनांक 2/03/009 के अनुसार इस बिजली वाहक के पोल का काम इंद्राणी इंफ्रास्ट्रक्चर लि. को दिया गया था. यह काम गर्मी में इस कॉन्ट्रैक्टर द्वारा कटोल इन्फ्रा कनिष्ट अभियंता के अंतर्गत पूरा किया गया. लेकिन पुरे हुए 33 के.व्ही. बिजली वाहक पोल पहली ही बारिश में गिर गए तथा दो बिजली पोल बिजली वाहक तार के साथ 11 के.व्ही. बजारगांव फीडर के जीवित्त तार पर गिरने की वजह से इस क्षेत्र की बिजली आपूर्ति खंडिंत हुई है. अगर 33 के.व्ही. बिजली वाहक तार शुरू होती तो इस परिसर में बड़ी दुर्घटना होने की संभावना थी. ऐसा वरिष्ठ वितरण कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा.

जानकारी के अनुसार बाजारगांव से पांजराकाटे मासोद 33 के.व्ही. के उपकेंद्र बिजली वाहक बिजली आपूर्ति के लिए लगाई गई. लेकिन नियम के अनुसार निर्माणकार्य न करने से नए बिजली वाहक 33 के.व्ही. पोल पहली बारिश में ही गिर गए. गौरतलब है की नियम के अनुसार 6 फ़ीट गड्डा करके गड्डे में कांक्रीट तैयार करके मजबूत निर्माणकार्य करे ऐसा नियम है. लेकिन इस बांधकाम में ढाई फ़ीट ही गड्डा खोदा गया और कांक्रीट सिर्फ नाम के लिए डाला दिखाई दिया. इस वजह से पांजराकाटे से मासोद परिसर की बिजली वाहक 33 के.व्ही पोल गिर गए.

मासोद बिजली उपकेंद्र शुरू करने के लिए 23 जुलाई 2014 को बिजली आपूर्ति का आदेश वरिष्ठ अधिकारी से मिला था. परंतु 22 जुलाई को हुई बारिश की वजह से बिजली वाहक पोल गिरने की घटना घटी. अगर यह बिजली वाहक शुरू हुई होती तो बड़ी दुर्घटना हुई होती.

बताया जाता है की इस घटना की जानकारी उपविभागीय अभियंता नागपुरकर व उनके कर्मचारियों ने इस वाहक की तार काटकर बाजारगांव फिडर पर गिरी वाहक से दूर करके रात 10 बजे बिजली आपूर्ति ठीक करने का प्रयास किया गया. इस प्रकरण में बिजली वितरण कंपनी की ओर से उपविभागीय अधिकारी नागपुरकर से पूछताछ की जाने पर इस बिजली वाहक का निर्माणकार्य निकृष्ट दर्जा का किया गया. इसकी जानकारी कनिष्ट अभियंता इन्फ्रा कटोल व बिजली विभागीय अधकारी काटोल को खबर दी गई है.