Published On : Wed, Jul 30th, 2014

काटोल : अपनी क्षमताओं को पहचान कर करिअर का चुनाव करें


करिअर मार्गदर्शक आनंद मापुस्कर ने दी विद्यार्थियों को सलाह

काटोल

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मुंबई के मशहूर करिअर मार्गदर्शक आनंद मापुस्कर ने कहा है कि अगर हम अपनी क्षमताओं को जानकर और अपनी कुशलता के आधार पर करिअर का चुनाव करते हैं तो हमें सफल होने से कोई नहीं रोक सकता.

आज 30 जुलाई की सुबह 11 बजे स्थानीय नबीरा महाविद्यालय में आयोजित ‘करिअर विज़न 2014’ कार्यक्रम में वे बोल रहे थे. तालुका के कनिष्ठ महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 3000 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया.

कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य के खाद्यान्न व नागरी आपूर्ति मंत्री तथा इस भाग के विधायक अनिल देशमुख ने किया. अध्यक्षता नबीरा शिक्षण संस्था के उपाध्यक्ष निरंजन राउत ने की. जिला परिषद के उपाध्यक्ष चंद्रशेखर चिखले, सलिल देशमुख, बंसीलाल नबीरा, सत्येन्द्र खोना, चंद्रशेखर मानकर, नगरसेवक गणेश चन्ने, लक्ष्मी जोशी, प्राचार्य मिलिंद पाटिल, अमित काकड़े, अयूब पठान, हेमराज रेवतकर, एनआईटी के प्राचार्य सुरेन्द्र गोले और तालुका के विभिन्न कनिष्ठ महाविद्यालयों के प्राचार्य प्रमुख रूप से उपस्थित थे.

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मेडिकल और पैरामेडिकल क्षेत्र में अनेक मौके

उद्घाटन संबोधन में अनिल देशमुख ने कहा कि तालुका के विभिन्न कनिष्ठ महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के आगे बढ़ने की दृष्टि से उचित शैक्षणिक क्षेत्रों का चयन और करिअर की जानकारी के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस मौके पर व्यक्तित्व विकास पर प्रा. रघटाटे, विभिन्न पाठ्यक्रमों पर डॉ. अनिल शेंडगे (नासिक) ने मार्गदर्शन किया. मापुस्कर ने बताया कि मेडिकल और पैरामेडिकल क्षेत्र में अनेक मौके हैं. साथ ही वाणिज्य संकाय के विभिन्न पाठ्यक्रमों की जानकारी भी उन्होंने दी.

15 गुणवत्ताप्राप्त विद्यार्थियों का सत्कार
कार्यक्रम में नबीरा महाविद्यालय के स्नातक और स्नातकोत्तर कक्षाओं के विभिन्न संकायों के 15 गुणवत्ताप्राप्त विद्यार्थियों का राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से सत्कार किया गया. दो से ढाई घंटे तक चले कार्यक्रम में विद्यार्थियों की उपस्थिति अंत तक बनी रही.

प्रास्ताविक भाषण प्राचार्य मिलिंद पाटिल, संचालन डॉ. सोनेगांवकर और आभार प्रदर्शन विद्यार्थी राष्ट्रवादी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमित काकड़े ने किया. आयोजन की सफलता के लिए वायगांवकर, संदीप ठाकरे, सौरभ ढोरे, प्रा. संजय जगदले, प्रा. परेश देशमुख, विशाल बाविस्कर, सूरज कोठे, विपुल पाठे, निलेश दाहाट, विलास घारड, प्रवीण अरसडे, नितिन चालखोर, महेश येरपुड़े, एनआईटी और नबीरा महाविद्यालय के प्राध्यापक और कर्मचारियों ने प्रयास किया.