Published On : Fri, Apr 25th, 2014

उमरखेड़ : 250 मजदूरों को 8 माह से नहीं मिला वेतन

वसंत शक्कर कारखाना के कर्मचारी बेमुद्दत धरने पर

उमरखेड़

स्थानीय वसंत सहकारी शक्कर कारखाना के करीब ढाई सौ कर्मचारियों को पिछले 8 माह से वेतन नहीं मिला है. थक-हारकर इन कर्मचारियों ने आज 25 अप्रैल को भरी दोपहरी में मोर्चा निकाला और कारखाना के प्रशासकीय कार्यालय के सामने बेमुद्दत धरने पर बैठ गए.
कर्मचारियों की मांग है कि जब तक ठेका कर्मचारी, अस्थायी और स्थायी कर्मचारियों के साथ ही सेवानिवृत्ति राशि के कोई 9 करोड़ 20 लाख रुपए की रकम नहीं दे दी जाती तब तक आंदोलन वापस नहीं होगा. आंदोलन वसंत साखर कामगार यूनियन के बैनर तले शुरू किया गया है.

sabha

एकमात्र कारखाना
विदर्भ में पिछले 40 सालों में कुल 16 कारखाने खुले हैं, मगर वसंत शक्कर कारखाना एकमात्र ऐसा कारखाना है, जहां संचालक मंडल पिछले 40 सालों से तार पर की कसरत कर कारखाने को चला रहा है. कारखाने में 8 से 10 विभाग हैं, जिसमें ठेके, अस्थायी और स्थायी मिलाकर ढाई सौ के आसपास कर्मचारी हैं. 1 मई तक कर्मचारियों का 8 माह का वेतन 6 करोड़ 70 लाख कारखाने पर बकाया है.

विनियोजन शून्य कारोबार : मुड़े
कामगार यूनियन के अध्यक्ष पी. के. मुड़े ने इस अवसर पर हुई एक सभा में कहा कि संचालक मंडल के विनियोजन शून्य कारोबार के कारण ही यह स्थिति आई है. कर्मचारियों ने संयम के साथ अब तक काम किया, मगर संचालकों ने उन्ही का मजाक बनाया.

दो सालों से हालत खराब : पतंगराव
यूनियन के महासचिव वी. एम. पतंगराव ने कहा कि पिछले दो वर्षों से यही परिस्थिति है. कर्मचारियों की भूमिका यही रही कि कारखाना बंद न पड़े. मगर कारखाने के अध्यक्ष प्रकाश पाटिल देवसरकर, कार्यकारी संचालक और सहयोगियों ने कोई ध्यान नहीं दिया. समय-समय पर उनसे बातचीत भी की जाती रही, मगर कुछ नहीं हो पाया.

पहले किसानों को पैसा, फिर वेतन : देवसरकर
इस बीच, कारखाने के अध्यक्ष प्रकाश पाटिल देवसरकर ने कहा कि किसानों का गन्ने का बिल देने के बाद जो पैसा बचेगा उससे कर्मचारियों का वेतन दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने शक्कर कारखानों को विशेष पैकेज देने की घोषणा की थी, मगर पैकेज का एक रुपया भी अब तक नहीं मिला है. 15 दिनों के भीतर शक्कर के भाव बढ़नेवाले हैं, जिससे इस उद्योग के दिन फिरनेवाले हैं. उन्होंने यूनियन के अध्यक्ष पर आरोप लगाया कि वे कारखाना बंद करना चाहते हैं. कर्मचारियों को उनसे सावधान रहना चाहिए.