Published On : Fri, Jul 11th, 2014

उमरखेड़ में वृक्षारोपण के नाम पर बोगस काम का खुलासा

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चार युवकों की शिकायत, कार्रवाई नहीं तो आमरण अनशन


उमरखेड़

pardi churmura khadde
पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए एक तरफ सरकार वृक्षारोपण की अनेक योजनाएं बना रही हैं, उन पर विभिन्न स्तरों पर अमल भी किया जा रहा है तो दूसरी ओर वन विभाग के भ्रष्ट अफसर सरकारी योजनाओं में पलीता लगाने का काम कर रहे हैं. उमरखेड़ शहर से सटे पार्डी (चुरमुरा) जंगल के कंपार्टमेंट 455 में वृक्षारोपण के लिए 27500 गड्डों की खुदाई के नाम पर बोगस काम किया गया और सरकारी तिजोरी को नुकसान पहुंचाया गया. मजे की बात यह कि सतर्क नागरिकों की शिकायत के बाद मामले को दबाने के प्रयास किए जा रहे हैं. शिकायत करने वालों ने कार्रवाई नहीं होने पर आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है.

बोगस बिल वसूलने में लगे
प्राप्त जानकारी के अनुसार तालुका के अनेक कंपार्टमेंटों में वृक्षारोपण के काम की शुरुआत वन विभाग की ओर से की गई है. मगर विभाग के कुछ भ्रष्ट अफसर अतिवृष्टि अथवा अन्य कारण बताकर बोगस बिल वसूलने में लगे हैं. इससे न तो पर्यावरण को कोई फायदा हो रहा है और न सरकार की योजनाएं सफल हो पा रही हैं.

पार्डी (चुरमुरा) के जंगल में बोगस काम का पर्दाफाश
पार्डी (चुरमुरा) के जंगल में कंपार्टमेंट 455 में 27500 अनियमित गड्ढे खोदे गए. 3 जुलाई को सतीश कोल्हे, शेख निसार, दिगांबर मनवर और नितिन सोनाले ने इस कथित वृक्षारोपण की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की. न तो इन गड्ढों का आकार सही था और न ही गहराई. अलावा इसके गड्ढों की संख्या भी लक्ष्य से काफी कम थी. वनरक्षक मामले को दबाने के लिए भागदौड़ कर रहे हैं, तो दूसरी ओर इन युवकों ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है.

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