Published On : Sat, May 24th, 2014

उमरखेड़ : बुआई सिर पर, मगर मुआवजे का पता नहीं


सांसद सातव से बकाया दिलाने में मदद करने की किसानों की मांग


उमरखेड़

तीन माह पहले उमरखेड़ तालुका में भारी पैमाने पर हुई ओलावृष्टि से किसानों की रबी की 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फैली गेहूं, चना और अन्य फसलों का भारी नुकसान हुआ था. उस वक्त किसानों को आर्थिक सहायता देने की बात की गई थी, लेकिन किसानों को अब तक सानुग्रह राशि नहीं मिली है. अब खरीफ का मौसम सिर पर आ गया है. ऐसे में किसानों की मांग है कि उनके नवनिर्वाचित सांसद राजीव सातव आपदाग्रस्त किसानों की कोई 4 करोड़ बकाया राशि दिलाने में उनकी मदद करें. सातव को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अत्यंत करीब माना जाता है.

28 फरवरी से 22 मार्च तक हर दो दिन के अंतराल में तूफानी बारिश और ओलावृष्टि होने से गेहूं, चना का भारी नुकसान हुआ था. उससे पहले इस इलाके में हुई बारिश ने पिछले 50 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. उस समय भी किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था. सत्ताधारी दल और विपक्ष के अनेक नेताओं ने विधानसभा तक में इस संबंध में आवाज उठाई और मुआवजे की मांग की थी. सरकार ने आश्वासन भी दिया था, लेकिन मुआवजा अब तक पूरा नहीं मिल पाया है. विदर्भ-मराठवाड़ा की सीमा पर बसे उमरखेड़ तालुका के किसानों को अब सूझ नहीं रहा है कि वे ऐसे में करें तो क्या करें. हताश किसानों की उम्मीदें अब उनके सांसद राजीव सातव पर केंद्रित हो गई हैं. उनकी मांग है कि वे राज्य सरकार की तिजोरी से 4 करोड़ की बकाया राशि किसानों को दिला दें. राजस्व विभाग द्वारा अब तक राशि बैंकों में जमा नहीं किए जाने के कारण किसानों को सहायता नहीं मिल पा रही है.

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