| | Contact: 8407908145 |
    Published On : Tue, Oct 9th, 2012

    इग्नू ने किया आगाह, फर्जी संस्थानों से बचें – Dainik Bhaskar

     

    इग्नू ने किया आगाह, फर्जी संस्थानों से बचें
    बदलकर मिलेगी मार्कशीट
    महाविद्यालय से होगी पूछताछ
    एमफॉर्म वाइवा मामला
    हस्तलिखित अंकसूची को कम्प्यूटराइज्ड करने के आदेश

    भास्कर प्रतिनिधित्न नागपुर

    राष्टï्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय ने हस्तलिखित अंकसूची को कम्प्यूटराइज्ड करने के आदेश दिए हैं। जिन विद्यार्थियों को इस बार हस्तलिखिल अंकसूची प्राप्त हुई है, वे मूल अंक तालिका परीक्षा विभाग में दिखाकर कम्प्यटराइज्ड अंकसूची एक सप्ताह के भीतर प्राप्त कर सक ते हैं।

    यह निर्णय सोमवार को रातुम के अधिकारियों की हुई बैठक में लिया गया।

    मास्टर ऑफ कम्प्यूटर मैनेजमेंट (एमसीएम) के विद्यार्थियों को इस बार हस्तलिखित अंकसूची प्राप्त हुई है। हस्तलिखित मार्कशीट को नौकरी के लिए वैध नहीं माना जाता है। ऐसे में विद्यार्थियों को विदशों में ही नहीं देश में भी नौकरी मिलना मुस्किल हो जाता है। वर्ष 1999 में कोहचाड़े प्रकरण के बाद अंकों में बढ़ोतरी मामले के बाद किसी भी विद्यार्थी को हस्तलिखित अंकसूची नहीं दिए जाने का प्रस्ताव पारित हुआ था। शैक्षणिक परिषद के साथ ही प्रबंध परिषद में 16 जनवरी 2000 को हस्तलिखित अंकसूची पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद भी एमसीएम को हस्तलिखित मार्कशीट बांटी गई। वर्ष 2008 में मास्टर ऑफ मॉस कम्युनिकेशन (एमएमसी) को हस्तलिखित अंकसूची प्रदान की गई थी।

    भास्कर प्रतिनिधित्ननागपुर

    इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) ने फर्जी शिक्षण संस्थानों के प्रति विद्यार्थियों को आगाह किया है। प्रबंधन को मिली जानकारी के अनुसार, इग्नू के नाम पर कुछ फर्जी शिक्षण संस्थान अखबारों में विज्ञापन देकर छात्रों को धोखा दे रहे हैं। लिहाजा, विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने से पहले उस संस्थान की सत्यता जरूर जांच लें। डिस्टेंस एजुकेशन काउंसिल की वेबसाइट www.dec.ac.in पर सभी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के साथ प्रोग्राम की जानकारी अपलोड कर दी गई है।

    संबंधित संस्थानों की दी जाती है जानकारी

    नागपुर के स्थानीय केंद्र से विषयवार संबंधित संस्थानों की जानकारी दी जाती है। इग्नू के किसी भी पाठ्ïयक्रम का ब्योरा यहां से लिया जा सकता है। पी. शिवस्वरूप, इग्नू के स्थानीय निदेशक

    एक सप्ताह में अंकसूची

    ॥जिन विद्यार्थियों को हस्तलिखित अंकसूची प्राप्त हुई है, वे परीक्षा भवन में जाकर कम्प्यूटराइज्ड अंकसूची प्राप्त कर सकते हैं। उन्हें एक सप्ताह में नई अंक तालिका प्राप्त हो जाएगी। महेशकुमार येंकी, प्रकुलगुरु, रातुम

    उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री ने दिए जांच के आदेश

    भास्कर प्रतिनिधित्न नागपुर

    वर्धा स्थित अग्निहोत्री महाविद्यायलय के मास्टर ऑफ फॉर्मसी (एमफॉर्म) के द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों का वाइवा किन काराणों से नहीं हुआ? इसकी जानकारी के आदेश महाराष्ट्र के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश टोपे ने अपने पर्सनल सेकट्ररी (पीएस) को सोमवार को दिए। सूत्रों ने बताया कि उन्हें महाविद्यालय व राष्टï्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय दोनों से पूछताछ कर मामले के जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

    सकारात्मक जवाब नहीं

    एमफार्म महाविद्यालयों में वायवा हो जून-जुलाई चुके हैं और 13 सितंबर को परीक्षा परिणाम भी आ चुका है। प्लेसमेंट में भी इन विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जा रही है। जबकि अग्निहोत्री महाविद्यालय के द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों का वाइवा अब तक नहीं हो पाया है जिससे वे रोजगार पाने में पिछड़ रहे हैं। इससे विद्यार्थी मानसिक रूप से परेशान हैं। इतना होने पर भी महाविद्यालय के प्राचार्य डी. आर. मुंदडा की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। विद्यार्थी राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विश्वविद्यालय के कुलगुरु डॉ. विलास सपकाल, परीक्षा नियंत्रक विलास रामटेके, फारमसी के डीन डॉ. प्रमोद येवले के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उन्हें समस्या का माधान नहीं मिला।

    काला फीता बांध करेंगे प्रदर्शन

    राष्टï्रावादी विद्यार्थी सेल के प्रमुख मनीष देशमुख ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह में नागपुर विश्वविद्यालय व महाविद्यालय की ओर से औपचारिकता पूर्ण नहीं होगी तो विद्यार्थी व राविस के कार्यकर्ता काला फीता बांधकर विवि के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

    कॉलेज पूरी करे औपचारिकता

    ॥अग्निहोत्री महाविद्यालय की ओर से एपरूवल गाइड की सूची नहीं भेजी गई है। इससे आरआरसी ने विद्यार्थियों की परीक्षा लिए जाने की अनुमति नहीं दी है। महाविद्यालय को अपनी ओर औपचारिकता पूर्ण करना चाहिए। डॉ. विलास सपकाल, कुलगुरु, राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज विश्वविद्यालय 

    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145