Published On : Thu, May 15th, 2014

आमगांव : 16 को बंद हो जाएगी बनगांव जलापूर्तियोजना?

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देखभाल और मरम्मत के 65 लाख वसूली के लिए मजीप्रा का आदेश

आमगांव

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किसी जिला परिषद के अध्यक्ष को उनके गांव की जलापूर्तियोजना बंद करने की बार-बार धमकी दी जाती है और जिला परिषद अध्यक्ष अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर राशि भरने का आदेश दे देते है और यह योजना किसी तरह चालू हो जाती है. पिछले दो-तीन वर्षों से यही नौटंकी चल रही है. जिला परिषद अध्यक्ष के रहते इस योजना का स्थाईरूप से समाधान क्यों नहीं किया जाता. यह प्रश्न अब बार-बार आमगांव परिसर की जनता पूछ रही है. जिला परिषद अध्यक्ष विजय शिवणकर को इस दिशा में गंभीर प्रयास कर अपने क्षेत्र के नागरिकों को बार-बार हो रही परेशानी से निजात दिलाने की चुनौती है. देखना हैइस बारे में अबकी बार शिवणकर सरकार क्या निर्णय लेती है.

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बता देना आवश्यक है कि बनगांव प्रादेशिक जलापूर्तियोजना से आमगांव तहसील के 32 गांवों को जलापूर्तिकी जाती है. इन गांवों में लगभग 4000 कनेक्शन ग्रामीणों ने ले रखे है. वास्तव में यह योजना 48 गांवों के लिए शुरूकी गईहै. लेकिन 16 गांवों के नागरिक पहले ही इस योजना के तहत जलापूर्तिसे वंचित है. दरअसल योजना का निर्माण करने की जिम्मेदारी महाराष्ट्र जीवन प्राधीकरण की होती है और निर्माण कार्यपूरा होने के बाद इस योजना को चलाने की जिम्मेदारी जिला परिषद को हस्तांतरित की जाती है. पिछले कुछ समय पूर्वजिला परिषद ने इस योजना को हस्तांतरित कर लिया है. लेकिन जिला परिषद के ग्रामीण पानीपूर्तिविभाग की यह जिम्मेदारी हैकि वह योजना को सूचारू रूप से संचालित करने के साथ ही देखभाल एवं मरम्मत का खर्चमहाराष्ट्र जीवन प्राधीकरण को वहन करे.

यह खर्चबढ.कर 65 लाख रु. हो गया है और इसे अब तक जिला परिषद ने महाराष्ट्र जीवन प्राधीकरण को नहीं लौटाया है. इसी वजह से मजिप्रा के कार्यकारी अभिंयता ने पत्र क्रं. 969,दि. 3 मई2014 के अनुसार जिला परिषद को पत्र देकर 65 लाख रु. 15 मईतक देने को कहा है. इस अवधि में यह राशि नहीं मिलती तो 16 मईसे जलापूर्ति बंद करने की सूचना दी गईहै.

जिला परिषद में इसी क्षेत्र के निवासी विजय शिवणकर की सरकार है. ऐसे में उनकी यह जिम्मेदारी हैकि अपने क्षेत्र के नागरिकों को बार-बार हो रही परेशानी से बचाए. अगर जलापूर्तिबाधित होती हैतो क्षेत्र में असंतोष फैलेगा और इसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पडे.गा. अगर योजना में जलापूर्ति ठप होती हैतो इससे आम नागरिकों को अशुद्घ पानी पीने को मजबूर होना पड. सकता है. इससे संक्रामक बीमारियां फैल जाए तो आश्‍चर्यनहीं होना चाहिए. देखभाल-मरम्मत की बकाया राशि जल्द ही मजिप्रा को देकर जलापूर्तिअखंडित रखने की दिशा में प्रयास होने चाहिए.

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