Published On : Wed, Jun 25th, 2014

अहेरी : कर्ज मार्गदर्शन शिविर में जुटे सैकड़ों बेरोजगार


विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी अधिकारियों ने


अहेरी

Karj Melawa 03
अहेरी में आज 25 जून को संपन्न कर्ज मार्गदर्शन सम्मेलन में विभिन्न आर्थिक महामंडलों के अधिकारियों ने सरकार की विभिन्न कर्ज योजनाओं के संबंध में जानकारी दी. मानव मंदिर में संपन्न इस कर्ज मार्गदर्शन सम्मेलन की अध्यक्षता महबूब अली ने की, जबकि मार्गदर्शक के रूप में ओबीसी महामंडल के जिला व्यवस्थापक अंधारे, महात्मा फुले महामंडल के सहायक व्यवस्थापक बारसागड़े, ग्रामीण जीवनोत्ती अभियान के तालुका व्यवस्थापक प्रमोद चिंचुरे, वसंतराव नाईक महामंडल के अधिकारी शेरकी, संत रोहीदास महामंडल के जिला व्यवस्थापक ढगे और जिला उद्योग केंद्र के व्यवस्थापक बढ़े आदि उपस्थित थे.

इस मौके पर जिला उद्योग केंद्र के व्यवस्थापक बढ़े ने बताया कि केंद्र की मार्फत व्यवसाय, उद्योग और सेवा आदि के लिए एक़ से 25 लाख रुपए तक कर्ज देने की व्यवस्था है. इसमें पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए 35 प्रतिशत तक अनुदान और बाकी लोगों को 25 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है. कुछ कर्ज योजनाएं केवल पर्यावरण के लिए अनुकूल व्यवसाय और उद्योगों के लिए ही हैं. ग्रामीण जीवनोत्ती अभियान के तालुका व्यवस्थापक प्रमोद चिंचुरे ने महिला बचत गुट और गुट के नियमों के बारे में जानकारी दी.
महात्मा फुले महामंडल के सहायक अधिकारी बारसागड़े ने अपनी विभिन्न योजनाओं, कर्ज तथा अनुदान के संबंध में जानकारी दी. ओबीसी महामंडल के जिला व्यवस्थापक अंधारे ने ओबीसी और विकलांगों के लिए लागू विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि महामंडल व्यवसाय के लिए 20 प्रतिशत मार्जिन मनी पर 5 लाख रुपयों तक का कर्ज देता है. विकलांगों के लिए 20 हजार से 10 लाख तक के कर्ज की सुविधा उपलब्ध है. संत रोहीदास महामंडल के जिला व्यवस्थापक ढगे ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि 50 हजार के कर्ज पर 10 हजार रुपया अनुदान दिया जाता है. विमुक्त और भटक्या जमाति के लिए भी वसंतराव नाईक महामंडल में कर्ज की सुविधा उपलब्ध है.

कार्यक्रम का प्रास्ताविक भाषण महबूब अली ने दिया. संचालन अर्जुन कांबले और आभार प्रदर्शन व्यंकटेश तिलनकर ने किया. इस मौके पर शीलाताई चौधरी, उषा आत्राम, विनायक वेलाद, जगदीश जुमडे, अरुणा गेडाम, श्रीमती पंचकुला रामटेके, रामप्रसाद मुंजमकर, बब्बू शेख, अशोक आत्राम, विजय बोरकुटे, शोभा बिसनकर, सलीम शेख, अरुण रामटेके, मधुकर गोगले सहित भारी संख्या में सुशिक्षित बेरोजगार युवक और महिला बचत गुट की महिलाएं भी उपस्थित थीं.