Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
    | | Contact: 8407908145 |
    Published On : Mon, Jan 18th, 2021

    WCL के ठेकेदारों से हफ्ता वसूली चरम पर

    – जनप्रतिनिधि बिना लेनदेन के काम करने नहीं देते और उनके वेकोलि कर्मी गुर्गे भी मांगते हैं हिस्सेदारी

    नागपुर : WCL प्रबंधन लगभग ढाई दशक पूर्व तक सम्पूर्ण कामकाज खुद किया करती थी,समय की मांग को ध्यान में रख कार्यशैली में बदलाव आया.अब OPENCASTE की अमूमन सभी काम PRIVATE PARTY से करवा रही.इन PRIVATE PARTIES को काम(ठेकेदारी) करने के लिए स्थानीय विधायकों को हिस्सेदारी देनी पड़ रही,नहीं तो काम में बाधा डाल दिया जाता।इस गंभीर मसले पर WCL प्रबंधन का रत्तीभर ध्यान नहीं,नतीजा काम के गुणवत्ता और उत्पादन पर गंभीर परिणाम पड़ रहा.

    WCL में कामचोर अधिकारी और कर्मियों के कारण गुणवत्तापूर्ण उत्पादन में बाधा पहुँच रही थी.जिससे दिया गया टार्गेट पूर्ण नहीं हो रहा था.इस ग़ैरकृतों को पंजीकृत UNIOIN वेकोलि के अधिकारियों संग मिलीभगत कर हवा दे रही थी.नतीजा कोयला मंत्रालय ने COAL INDIA की सलाह पर धीरे-धीरे थोड़ा-थोड़ा कामों का निजीकरण करते गए,यह दर्शाते हुए कि स्थाई वेकोलि कर्मी/अधिकारियों से काम लेने में खर्च ज्यादा बढ़ रहा.

    आलम यह हो चूका हैं कि WCL पिछले डेढ़ दशक से भूमिगत खदानें दुर्घटनाओं के मद्देनज़र बंद कर OPENCASTE MINES शुरू करने में ज्यादा सक्रिय हैं,क्यूंकि इसमें संकट कम हैं.इस संकट को और कम करने के लिए WCL प्रबंधन OPENCASTE शुरू करने सह PRODUCTION का काम निजी हाथों से करवा रही.

    इनके ठेकेदारों को ठेका देने के बाद स्थानीय समस्याओं से जूझते हुए टेंडर CONDITION को पूर्ण करना अनिवार्य होता हैं.वेकोलि की इस नीति से काम लेने वाले ठेकेदार कंपनी एकमुश्त सहयोग के लिए प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से स्थानीय विधायकों से मदद लेते पाए गए.या फिर स्थानीय विधायक WCL के टेंडर पर नज़र रख,जो उन्हें मनमाफिक हिस्सेदारी देता हैं,उसे टेंडर में भाग लेने हेतु सहयोग करते हैं.इस चक्कर में ठेकेदार कंपनी को लगभग 5 % हिस्सेदारी देनी पड़ती हैं.

    इतना ही नहीं इन विधायकों के वेकोलि कर्मी गुर्गे भी उक्त ठेकेदार कंपनी पर हिस्सेदारी का दबाव बनाते हैं.वह फिर यूँ ही या फिर चोरी की रेती SUPPLY का ठेका लेकर।

    इन सभी का दायरा इतना बढ़ गया कि वे अन्य विधानसभा क्षेत्रों के भी वेकोलि खदानों में ऐसा ही जुगाड़ हेतु अपने गुर्गे तैयार कर उन्हें सक्रिय कर दिए,जिनका स्थानीय जनप्रतिनिधि विरोध कर रहे.

    उल्लेखनीय यह हैं कि इन ज्वलंत समस्याओं से WCL प्रबंधन खुद को अलग-थलग कर लिया लेकिन ठेकेदार कंपनियों से दबा कर काम या फिर अपना हिस्सा ले रहा.जब तक उक्त कामों में WCL ठेकेदार कंपनियों को पूर्ण सहयोग करने की योजना बनाकर उसे अमल में नहीं लाती,तब तक वेकोलि उत्पादन और गुणवत्ता मामले में तरक्की नहीं कर सकती।


    Stay Updated : Download Our App
    Mo. 8407908145