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    Published On : Wed, Dec 23rd, 2020
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    जांच में दोषी गंगा ट्रांसपोर्ट पर मेहरबान WCL प्रबंधन,कुंडली मार कर रहा ठेकेदारी

    ठेकेदार कंपनी व वेकोलि के खिलाफ न्यायालय की शरण में जाएगा इंटक प्रतिनिधि

    नागपुर: वेकोलि खदान में आंतरिक परिवहन (INTERNAL TRANSPORTATION ) का ठेका हासिल करने के लिए RTO से प्रमाणित फर्जी कागजात पेश करने वाले स्थानीय गंगा ट्रांसपोर्ट जांच में दोषी पाए गए,दूसरी तरफ इसे बचाने के लिए संबंधित अधिकारियों ने ट्रांसपोर्टर के 5 गाड़ियों को कुछ समय के लिए बेड़े से अलग कर उसे नियमित काम देता आ रहा। वेकोलि प्रबंधन की उक्त नीति के खिलाफ राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) के संगठन सचिव आबिद हुसैन जल्द ही न्यायालय की शरण में जाकर न्याय हेतु गुहार लगाएंगे।

    हुसैन के अनुसार वर्ष 2016 में वेकोलि की वणी नार्थ महाप्रबंधक कार्यालय ने कोलार pimpri खदान से रेलवे कोल साइडिंग तक कोयला का आंतरिक परिवहन (INTERNAL TRANSPORTING) का निविदा जारी किया। यह ठेका 2-3 साल के लिए था। इस खदान से कोयला रेलवे साइडिंग के मार्फत NTPC और MAHAGENCO को रेलवे रैक द्वारा आपूर्ति की जाती थी।

    इसका ठेका मिलीभगत के आधार पर स्थानीय सफेदपोश की गंगा ट्रांसपोर्ट को दिया गया। इस संबंध में RTI द्वारा प्राप्त जानकारी के हिसाब से 6 गाड़ियों के फर्जी कागजात जमा करवाए गए थे। RTO में जिस ट्रक/टिप्पर की 37 टन की पासिंग थी,उसे 40 टन का दर्शाया गया था।।
    इस मामले के तह तक जाने के लिए हुसैन ने RTO और WCL के संबंधित विभाग में RTI का निवेदन किया,जहां से प्राप्त हुई जानकारी में तफावत पाया गया। इसके बाद इसकी शिकायत स्थानीय वेकोलि महाप्रबंधक से करते हुए ट्रांसपोर्टर को काली सूची में डालने की मांग की गई लेकिन उन्होंने सिरे से नज़रअंदाज किया।

    वर्ष 2018 में इस मामले को CVO के ध्यान में लाया गया,उन्होंने उक्त GM को निर्देश दिया कि एक जांच समिति गठित कर जांच कर,उसका रिपोर्ट प्रस्तुत करें। जांच में दोषी पाए जाने का जिक्र जांच रिपोर्ट में अंकित किया गया।

    तत्पश्चात हुसैन ने उक्त दोषी ठेकेदार ट्रांसपोर्टर गंगा ट्रांसपोर्टर को काली सूची में डालने की मांग की तो GM ने अपना पक्ष रखते हुए कुछ समय के लिए ठेकेदार की 5 गाड़ियों को BLACLIST कर दिया और ठेकेदार कंपनी गंगा ट्रांसपोर्ट को बचा लिया,आज भी उसे नियमित काम दिया जा रहा।
    अब उक्त मामलात को लेकर हुसैन जल्द ही न्यायालय में वेकोलि सह गंगा ट्रांसपोर्ट के खिलाफ याचिका दायर करने वाले हैं, उन्होंने कहा कि इससे होने वाली नुकसान के जिम्मेदार वेकोलि प्रबंधन होगा।

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