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    Published On : Wed, Jan 20th, 2021

    महापौर – आयुक्त के आपसी समन्वय से सफल रही आज की आमसभा

    प्रशासन अपना पक्ष रखने में कामयाब रहा,जिसका नगरसेवकों ने विरोध करने के बजाय अपनी अपनी मांग को भी समाहित करने के लिए गुजारिश की

    नागपुर – नवनिर्वाचित महापौर दयाशंकर तिवारी की पहली आमसभा थी जो शत-प्रतिशत सफल रही,कारण साफ था कि उन्होंने महापौर बनते ही समन्वय कायम रखने पर जोर दिया,दूसरी वजह यह भी थी कि वे सभागृह के वरिष्ठतम और अभ्यासु सदस्य होने से उनका मनपा में एक अलग सम्मान हैं।कामकाज के दौरान महापौर तिवारी ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों दोनों का वक़्त वक़्त पर सम्मान करते हुए उचित निर्देश दिए,जिसे बिनविरोध सभी ने स्वीकारा।

    प्रश्रोत्तर काल की शुरुआत अधिवक्ता धर्मपाल मेश्राम ने की,इनका प्रशासन पर गंभीर आरोप था कि नियम 86 का उल्लंघन कर हिसाब से पिछले आयुक्त ने वर्कऑर्डर वाले प्रस्तावों को रोका, इसका वर्तमान आयुक्त ने जवाब दिया,जिससे मेश्राम को समाधान नहीं हुआ। इसके बाद महापौर तिवारी ने उक्त विषय को गंभीर बतलाया,इसलिए उन्होंने अतिरिक्त आयुक्त,प्रमुख लेखा व वित्त अधिकारी और मुख्य अभियंता की एक समिति बनाकर अगले 10 दिनों में वर्कऑर्डर हुए प्रस्तावों की अहमियतता तय करते हुए अंतिम निर्णय लेने का आदेश दिया।

    नगरसेविका आभा पांडे ने कुछ समाजकंटकों द्वारा सतरंजीपुरा जोन में नए नए निर्माणकार्यो के खिलाफ लेटरबाजी कर निर्माण करने वालों पर जोनल अधिकारी/कर्मियों द्वारा अकारण दबाव बनाया जाता हैं, बाद में आर्थिक समझौते बाद शिकायत वापस ले ली जाती हैं, इस पर प्रशासन का रुख जानना चाही।महापौर तिवारी ने उक्त घटनाक्रम के निरंतर शुरू रहने को गंभीरता से लेते हुए आयुक्त को निर्देश दिया कि ऐसे समाजकंटकों को राज्य सरकार के वर्ष 2019 में जारी अध्यादेश के तहत निपटा जाए।

    विधायक व नगरसेवक प्रवीण दटके ने आयुक्त द्वारा लिए जाने वाले अवकाश और स्थाई समिति के अधिकार पर हो रहे मनपा प्रशासन द्वारा अन्याय पर सवाल उठाया तो महापौर तिवारी ने कहा कि एक मत से शासन-प्रशासन का संचलन हो,वह भी नियमानुसार। स्थाई समिति को प्राप्त अधिकारों का पालन हो,पूर्व महापौर द्वारा दिये गए निर्देशों का भी पालन किया जाए। नगरसेवक कमलेश चौधरी ने मनपा कर्मियों को दिए गए वाहन, हैंडीकैम,मोबाइल, लैपटॉप आदि देने हेतु किस नियम का पालन किया गया।आयुक्त ने इसका जवाब देते हुए बताया कि इसके लिए कोई नियम नहीं बल्कि स्थाई समिति के ठराव के तहत उन्हें सुविधाएं दी गई। महापौर तिवारी ने ऐसे खर्चों को कम करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया,बस ध्यान रहे इससे कोई नगरी सुविधा बाधित न हो।

    प्रश्नोत्तर काल के बाद विषय पत्रिका की शुरुआत की गई। विषय क्रमांक 13 परिवहन विभाग से संबंधित था,इस विषय से संबंधित अधिकारी अतिरिक्त आयुक्त जलज शर्मा ने महापौर तिवारी से गुजारिश की कि इस विषय को प्रशासन वापिस लेना चाहती हैं, जिसमें सुधार कर अगली सभा में विषय को रखा जाएगा। जिसे महापौर से स्वीकृति दी।

    विषय क्रमांक 74 स्वास्थ्य विभाग से संबंधित था,इस पर दटके ने मांग की कि जबतक कचरा संकलन करने वाली दोनों कंपनी 100% करार अनुसार काम नहीं करती तब तक नागरिकों से शुल्क न ली जाए। स्वास्थ्य सभापति विक्की कुकरेजा ने कहा कि उम्मीद के अनुरूप AG और BVG काम नहीं कर रही,रोजाना नए नए शिकायतें आ रही।हरीश ग्वालवंशी ने कहा कि दोनों ही कंपनी जब मन चाहा 300 के आसपास कर्मियों को सेवामुक्त कर चुकी हैं, मनपा प्रशासन ने इन कर्मियों के संदर्भ में गंभीरता से लेना चाहिए,जो हमारे स्वास्थ्य की अस्वस्थता से बचाव करते हैं। महापौर तिवारी ने प्रस्तावित विषय में मूलभूत और नियमानुसार बदलाव कर पुनः सभागृह में पेश करें।

    विषय क्रमांक 100 शहर के जीर्ण हो चुके सीवर लाइन से संबंधित था।इस विषय पर नगरसेवकों का कहना था कि जोनल टेंडर को प्रतिसाद न मिलने पर प्रभाग निहाय टेंडर प्रक्रिया की जाए,जिससे जल्द से जल्द इस गंभीर मसले का निराकरण हो सके। महापौर तिवारी ने कहा कि पिछले 1 साल से काम बंद हैं, जिन क्षेत्रों में बड़े टेंडर को प्रतिसाद नहीं मिल रहा, वैसे क्षेत्रों के लिए 7 दिनों की समयसीमा वाली शॉट टेंडर निकालने का निर्देश प्रशासन को दिए।
    मनपा में स्थाई समिति सह अन्य 11 विशेष समितियां हैं। स्थाई समिति के लिए बसपा कोटे से 1 सदस्य का नाम देने हेतु पक्षनेता को दिया गया,कांग्रेस और बीजेपी के कोटे से स्थाई समिति सदस्यों का चयन पहले ही हो चुका हैं। शेष 11 विशेष समितियों के लिए सभी पक्ष नेताओं से बंद लिफाफे में उनके उनके कोटे के सदस्यों का नाम महापौर को देने का निर्देश महापौर तिवारी ने दिया।

    आमसभा में कुछ विषय समीक्षा के लिए स्थाई समिति को भेजने का निर्देश दिया गया। अन्य विषयों को बहुमत से मंजूरी दे दी गई।

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