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    Published On : Wed, Jan 6th, 2021

    SKY व्यवसायी तो WCL सहयोगी !

    – संयुक्त समझौते पर दौड़ रही संगठन व कंपनी

    नागपुर: केंद्र में भाजपा सरकार के गठन बाद देश की अग्रणी मजदूर संगठन INTUC की उल्टी गिनती शुरू हो गई.दूसरी ओर असली-नकली INTUC का मामला सर्वोच्च न्यायालय में चले जाने से स्थानीय WCL जैसी कंपनियों में HMS ने बढ़त हासिल की और प्रबंधन से निकटता स्थापित कर HMS के तथाकथित नेता SKY पुरे शबाब में अपना उल्लू सीधा करते जा रहे,जिसे WCL प्रबंधन भी पूर्ण सहयोग कर रहा.डेढ़ -2 दशक पूर्व एक युवा व्यवसायी उर्फ़ SKY ने WCL में अपना कद ऊँचा करने के लिए HMS में प्रवेश की,तब इन्हें HMS का रत्तीभर उद्देश्य भी पता नहीं था.इनके HMS में प्रवेश करने की मुख्य वजह यह थी कि इन्हें अपना व्यवसाय को फैलाना और HMS के प्रभाव से WCL खदान क्षेत्र अंतर्गत अपनी जमीनों का बड़े से बड़ा मुआवजा हासिल करना और सस्ती जमीनें खरीद कर महंगी – महंगी नौकरियां बेचना ?

    क्यूंकि SKY अपने उद्देश्यपूर्ति हेतु HMS में सक्रीय हो चुके थे और धीरे-धीरे वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता भी HMS से दूर हो चुके थे,इस बीच SKY को WCL दायरे में HMS का मुखिया बनने का अवसर मिला।दूसरी ओर पिछले 7 सालों में WCL से INTUC का नेतृत्व आधिकारिक तौर पर ख़त्म होने के कारण SKY को अपना दायरा बढ़ाने और WCL प्रबंधन के काफी निकट जाने का मौका मिला,जिसका SKY ने काफी फायदा उठाया।

    पिछले CMD के कार्यकाल में भी SKY ने काफी ऊँची उड़ान भरी,भले ही WCL घाटे में रही लेकिन SKY कई % मुनाफे में रहा.प्रबंधन और HMS की आड़ में SKY के संबंधों को कायम और मजबूती देने का आश्वासन नए CMD ने भी गत दिनों HMS के बिदाई और स्वागत समारोह में उपस्थिति दर्ज करवाकर दे चुके हैं.वहीं आज INTUC आधिकारिक तौर पर अस्तित्व में रहती तो यह नज़ारा दिखने को नहीं मिलता,INTUC अस्तित्व में नहीं होने से राज्य के मंत्री को HMS का हिस्सा बनना पड़ रहा.इस वजह से SKY का WCL में और कद बढ़ गया लेकिन जमीन नीचे से खिसकते जा रही.

    INTUC पहले से तीसरे क्रमांक पर पहुंची

    लगभग एक दशक पूर्व WCL में INTUC की तूती बोला करती थी.इनके तथाकथित नेताओं ने तब थोक में नए-नए खदानों में मजदूरों को नौकरियां दी थी.इन नेताओं ने INTUC की नई पीढ़ी अर्थात दूसरी लाइन तैयार नहीं की.नतीजा आज भी वहीं पुराने जैसे-तैसे अस्तित्व में हैं.मोदी सरकार आते ही INTUC के तीन फाड़ हो गए रेड्डी,दुबे और महाबल मिश्रा गुट बने.दुबे गुट बिहार और झारखंड में सक्रिय रहा.INTUC पर कब्ज़ा करने की कोशिश में वे न्यायालय में परास्त हो गए.इसके साथ अस्तित्व की लड़ाई महाबल मिश्रा और रेड्डी गुट में जारी रहने का फायदा उठा कर केंद्र सरकार ने WCL जैसी संस्थानों से INTUC का वजूद ख़त्म कर दिया,यह कह कर कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद न्यायालय असली INTUC जिसे ठहराएगी ,उसे ही COAL INDIA में कामगार प्रतिनिधि मंडल में स्थान दिया जाएगा।फ़िलहाल कोरोना के कारण असली-नकली INTUC का मामला न्यायालय में हैं.इस चक्कर में WCL में पहले क्रमांक पर रहने वाली INTUC तीसरे क्रमांक पर घसर गई.पिछले कुछ सालों से जमा INTUC की सदस्यता शुल्क को न्यायालय के आदेश पर न्यायालय में जमा कर दिया गया ,जब न्यायालय जिसे असली INTUC घोषित करेगी,उसे जमा सदस्यता शुल्क दिया जाएगा।

    SKY का तौर तरीका

    SKY ने WCL में सर्वोच्च प्रतिनिधित्व मिलने के बाद अपने करीबी व्यवसायियों को WCL की विभिन्न BOARD में ALTERNATE REPRESENTATIVE बना दिया।ये प्रतिनिधि ड्यूटी बजाने के बजाय फांकी मारते अकसर शहर/ग्रामीण/जिले के बाहर आदि देखें जा सकते हैं.ये SKY के पक्ष में SKY के प्रतिद्वंदियों को विभिन्न मामलों में पिछले हटने के लिए हड़काते देखे गए हैं.

    SKY वैसे तो WCL के लिए नुकसानदेह हैं,जब WCL खदान क्षेत्र में इनकी जमीन थी तो इन्होने WCL को ‘नाको चने चबवाये थे’.काफी समय बाद नाना प्रकार के अड़चनों बाद एक बड़े समझौते के तहत WCL ने SKY की जमीन को अधिग्रहण करने में आंशिक सफलता पाई,आज भी इस जमीन पर SKY का आना-जाना लगा रहता हैं.

    SKY कामठी,इंदर,गोंडगांव OPENCASTE खदान में ठेकेदारी करने वालों पर सौदा-समझौता करने के लिए दबाव बनाते हैं,मजबूरन वश में करने के बाद अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को खदान मामले से दूर करने के लिए अपने तय गुर्गे भेजते हैं,हालांकि अबतक कोई खास सफलता नहीं मिली।जैसे इंदर OPENCASTE के ठेकेदार कंपनी छत्तीसगढ़ के छतवाल समूह का …

    SKY पिछले कुछ वर्षों से WCL खदान में जाने वाली जमीनों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से खरीद-फरोत करते या फिर जमीनों से जुड़े मामले निपटाने के बाद उनसे तय समझौता कर अपने नेतृत्व में खदान के लिए जाने वाली जमीन के 7/12 पर जिनसे सौदा हुआ उन्हें नौकरी पर लगवा रहे.इन सभी से कीमत वसूली बाद इन्हे HMS की सदस्यता लेने पर मजबूर किया जाता,फिर इनके वेतन से मासिक सदस्यता शुल्क काट लिया जाता।जब ये WCL खदान में काम करने के लिए तैनात किये जाते हैं तो इनमें से और मनमाफिक खर्च करने वालों को SURFACE पर लाने का काम भी करते देखा गया.

    राजनित माहौल के लिए उपयुक्त नहीं

    शिवसेना से राजनीति की शुरुआत की,HMS से भी जुड़े रहे,कांग्रेस की टिकट पर जिलापरिषद सदस्य बने.वर्त्तमान में इसी क्षेत्र के जिलापरिषद सदस्या जो जिला परिषद् अध्यक्ष भी हैं और आसपास के सरपंचों को स्थानीय स्तर पर नज़रअंदाज कर रहे,नतीजा सभी इनके विरोध में एकजुट हो चुके हैं.

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