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    Published On : Fri, Dec 18th, 2020

    एक महीनें में Narayana Vidyalayam को 7.59 करोड़ रुपए पालकों को लौटाने के आदेश

    Narayana Vidyalayam – Somalwada Nagpur

    नागपुर– शिक्षा ( Education ) के नाम पर पालकों ( Parents) की हो रही लूट का खुलासा शिक्षा उपसंचालक विभाग ( Education Deputy Director Department ) की रिपोर्ट में हुआ है. नियमों को दरकिनार कर स्कूलों द्वारा शुल्क के नाम पर किस तरह मोटी रकम वसूल की गई, यह बात सामने आयी है. वर्धा रोड ( Wardha Road ) चिंचभुवन ( Chinchbhuvan ) स्थित नारायणा विद्यालयम ( Narayana Vidyalayam ) बना है. इस स्कुल ने अपने विद्यार्थियों से अतिरिक्त 7 करोड़ 59 लाख 29 हजार 460 रुपए की वसूली की है. इतनी मोटी रकम का अधिक वसूला जाना साफ करता है कि शिक्षा की आड़ में अभिभावकों ( Parents) का शोषण ( Exploitation ) किस कदर बढ़ गया है. वर्ष 2017-18 से लेकर 2019-20 में विद्यालय प्रबंधन ( School Management ) ने यह मोटी रकम वसूली है. शिक्षा उपसंचालक अनिल पारधी ( Education Deputy Director Anil Pardhi ) की रिपोर्ट में खुलासा होने के साथ ही पूरे शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है. इतना ही नहीं, कई अन्य बिंदुओं पर भी जांच में अनियमितता मिली है. फिलहाल नारायणा विद्यालयम ( Narayana Vidyalayam ) को वसूली गई अतिरिक्त फीस की राशि एक महीने में संबंधित विद्यार्थियों के अभिभावकों को लौटाने के आदेश दिए गए हैं. 2014-15 से 2016-17 में वसूली गई शैक्षणिक शुल्क की रकम और सत्र शुल्क की अतिरिक्त वसूल की गई रकम निश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जाएं, यह भी आदेश में कहा गया है.

    इस कार्रवाई के बाद से मोटी फीस वसूलने वाले अन्य स्कूलों में भी खलबली मची है. वर्धा रोड पर नायर संस शैक्षणिक संस्था की ओर से नारायणा विद्यालयम का संचालन किया जाता है. स्कुल में में ज्यादा फ़ीस वसूलने की शिकायतें अभिभावकों ( Parents) ने शिक्षा विभाग ( Education Department ) से की थी. इसके बाद शिकायत शिक्षा राज्यमंत्री बच्चू कडू ( Minister of State for Education Bachhu Kadu ) तक पहुंची. कडु ने अक्टूबर में स्कूल की जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे. इसके लिए जांच समिति ( Investigation Committee ) गठित की गई थी. 10 अक्टूबर को जांच दल स्कूल पहुंचा था. छह विविध मुद्दों ( Six Miscellaneous Issues ) पर स्कूल से जानकारी मांगी थी . खाद बात ये है कि स्कूल प्रबंधन ( School Management ) ने पर्याप्त जानकारी ही नहीं दी. इस कारण महाराष्ट्र शैक्षणिक संस्था (शुल्क नियमन) कानून 2011 ( Maharashtra Educational Institutions (Fee Regulation) Act 2011 ) का उल्लंघन होने की पुष्टि शिक्षा विभाग ने की है.

    रिपोर्ट में कहा गया कि नारायणा विद्यालयम ( Narayana Vidyalayam ) ने पहली से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों से तय नियम से अधिक शुल्क वसूला है. कार्यकारी समिति ( Executive Committee ) द्वारा शुल्क निर्धारित नहीं किया गया. शुल्क की जानकारी भी सूचना पट ( Notification board ) पर नहीं लगाई गई. विद्यालय ( School ) ने शुल्क कानून के प्रावधान अनुसार शुल्क भी निर्धारण नहीं किया. इसके अलावा स्कूल ने पेराेल, प्रवेश पंजीयन ( Admission Registration ) शुल्क रसीद ( Fee Receipt) , शुल्क संकलन पंजीयन ( Fee Collection Registration ) , ग्रंथालय ( Library ) , कर्मचारी हाजिरी पुस्तिका ( Employee Attendance Book ), वाउचर फाइल ( Voucher file) , चेक रजिस्टर ( Check register ) , हस्तांतरण प्रमाण-पत्र पुस्तिका ( Transfer Certificate Book ) , आकस्मिक खर्च ( Contingencies ) , संपत्ति पंजीयन ( Property registration ) , इमारत किराया पंजीयन ( Building Rent Registration ) आदि रिकाॅर्ड का योग्य रख-रखाव भी नहीं किया है.

    इसके साथ ही स्कुल ने अभिभावक-शिक्षक संघ ( Parent Teacher Association ) का गठन नहीं किया, बैठकों की कार्यपद्धति ( Working Procedure of Meetings ) का पालन भी नहीं किया, कार्यकारी समिति ( Executive Committee ) का गठन नहीं किया और समिति की बैठकों की कार्यपद्धति का पालन नहीं किया, समिति द्वारा शुल्क निर्धारण नहीं करना और शुल्क की विस्तृत सूचना फलक पर नहीं लगाना, निजी शैक्षणिक संस्था को आवश्यक दस्तावेज रखने चाहिए, वे नहीं रखे नियम विरुद्ध हर साल शुल्क में बढ़ोतरी करना कम्प्यूटर शुल्क, ई-लर्निंग शीर्षक का कोई आधार नहीं होने के बावजूद शुल्क वसूल करना, यह अनियमितताएं पायी गई.

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