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    Published On : Mon, Dec 14th, 2020

    विपक्षी पार्टियां कर रही है किसानों को भ्रमित, कानून नहीं होगा वापस : पूर्व मंत्री बावनकुले

    नागपुर– जिनकी दुकानदारी बंद होनेवाली है, ऐसे लोग किसान आंदोलन को भड़का रहे है. जब चुनावों में जितने की कोई भी गुंजाइश नहीं होती और इनकी हार होती है, तो ऐसे में कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां इस तरह से मुद्दा निकालकर किसानों को भ्रमित कर रही है. इस आंदोलन के पीछे कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों का हाथ है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कभी भी किसानों का नुक्सान नहीं कर सकते. यह कहना है पूर्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का. वे सोमवार 14 दिसंबर को प्रेस क्लब में आयोजित पत्र परिषद् में पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे.

    इस दौरान उन्होंने कृषि कानून के फायदे बतायें और विपक्षी पार्टियों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा की कांग्रेस के मेनिफेस्टो में जो दिया गया था, वो कांग्रेस ने पूरा नहीं किया, वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरा किया है. उन्होंने कहा की पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार ने भी इस कानून का समर्थन किया था, उनके पत्र भी है. उन्होंने कहा की 2010-11 में पवार ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजे थे और एपीएमसी कानून में सुधार करने की बात कही थी. बाजारों में सुविधा क्षेत्रों में निजी सहभागिता पर उन्होंने जोर दिया था. लेकिन अब राजनीती की जा रही है.

    उन्होंने कहा की पहले सभी विपक्षी पार्टियों द्रमुक, तृणमूल, शिवसेना ने इसका समर्थन किया था, लेकिन अब सभी इसका विरोध किया जा रहा है. केवल पंजाब के किसानों के द्वारा ही यह आंदोलन किया जा रहा है. महाराष्ट्र में इसका किसी भी तरह का कोई भी असर नहीं है. इस कानून के बाद से बिचोलियों की दूकान बंद होगी और इसका सीधा लाभ किसानों को होगा. बावनकुले के अनुसार अब तक 6 बैठक हो चुकी है, हर बार बैठक में कुछ संशोधन की बात की जाती है और जैसे ही यह किसान अपने पंडाल में जाते है, कानून रद्द करने की मांग पर अड़ जाते है. कमीशन के बल पर जिनका पेट पलटा है. वे इस आंदोलन के पीछे है. केवल वोटों की राजनीती के लिए इस आंदोलन को बढ़ावा दिया जा रहा है. अब तक किसी भी सरकार ने जो हिम्मत नहीं दिखाई, वो हिम्मत मोदी सरकार ने दिखाई है.

    विदर्भ पर बात करते हुए बावनकुले ने कहा की विदर्भ का 1 हजार करोड़ का नुक्सान हुआ है, लेकिन विदर्भ को निधि नहीं दिया गया. जबकि मंत्रियो के बंगलो की साजो सज्जा के लिए 90 करोड़ रुपए दिए गए है. उन्होंने कहा की किसी भी हालत में यह कानून वापस नहीं होगा.

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