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    Published On : Wed, Dec 2nd, 2020

    स्वास्थ्य सेवा- अब नॉन कोविड पेशेंट्स का भी उपचार शुरू

    – राधाकृष्ण हॉस्पिटल में अब ज्वाइंट सर्जरी की विश्वस्तरीय सुविधाएं

    मध्य भारत के स्वास्थ्य प्रतिष्ठानों में अग्रणी श्री राधाकृष्ण हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (पूर्व वर्धमान नगर, नागपुर) का नाम अब विश्व स्तरीय घुटना प्रत्यारोपण व शल्यक्रिया की सेवा उपलब्ध कराने में जुड़ गया है. अपनी सेवाओं में विस्तार करते हुए श्री राधाकृष्ण हॉस्पिटल के अध्यक्ष श्री गोविंद पोद्दार व अन्य ट्रस्टियों व पदाधिकारियों ने घोषणा की कि शेल्बी हॉस्पिटल अहमदाबाद के प्रसिद्ध ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. विक्रम शाह एवं डॉ. जयेश पाटिल अपनी सेवाएं देंगे.

    विशेष बात यह कि अब तक एक लाख से अधिक ज्वाइंट रिप्लेसमेंट सर्जरी का रिकॉर्ड शेल्बी हॉस्पिटल ने बनाया है. अब नागपुर के राधाकृष्ण हॉस्पिटल में घुटना प्रत्यारोपण व शल्य क्रिया की उपचार सुविधा उपलब्ध हो जाने से न केवल नागपुर या विदर्भ, बल्कि संपूर्ण मध्यभारत व पड़ोसी राज्यों के मरीजों को बहुत अधिक लाभ मिलेगा.

    डॉक्टर शाह, शालबी हॉस्पिटल के संचालक एवं चेयरमैन हैं. उन्हें जॉइंट पेन के मरीजों के लिए भगवान का दूसरा रूप माना जाता है. उक्त समारोह में प्रमुख रूप से संस्था अध्यक्ष श्री गोविंद पोद्दार, शाल्बी हॉस्पिटल के डॉ. जयेश पाटील, योगेश पटेल, सचिव ऋषि खुंगर, पूर्व अध्यक्ष मथुराप्रसाद गोयल, मानधना, रतन अग्रवाल, जगदीश गुप्ता, मनीष केडिया, प्रशांत पेंडारी, डॉ भरत अग्रवाल, डॉ अनूप अग्रवाल, डॉ नामदेव नंदनवार, डॉ जमील अहमद, डॉ गगन मदान आदि उपस्थित थे.

    अब नॉन कोविड पेशेंट का भी उपचार शुरू
    वैश्विक महामारी कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के दौर में राधाकृष्ण हॉस्पिटल कोरोना मरीजों का एक आशास्थल बनकर उभरा. इस दौरान सैकड़ों मरीजों ने कोरोना से मुक्ति पाई. शुरुआत में 76 बेड की व्यवस्था थी, जिसे बढ़ाया गया. इस दौरान जहां श्याम रसोई की ओर से दोनों वक्त मरीजों को भोजन उपलब्ध कराया गया, वहीं ढाई महीनों तक सिंधु भवन को इसके अध्यक्ष प्रदीप पंजवानी व सचिव महेश ग्वालानी द्वारा मरीजों की सहायतार्थ निशुल्क उपलब्ध कराया गया व भोजनसेवा भी प्रदान की गई.

    अब कोरोना संक्रमण पर काफी हद तक नियंत्रण है. अतः हॉस्पिटल में अब नॉन कोविड मरीजों का उपचार भी शुरू कर दिया गया है. पेशेंट के लिए हॉस्पिटल में आने के लिए प्रथक मार्ग व प्रवेश द्वार है. यहां मरीजों की जांच के लिए भी अलग-अलग चिकित्सक, परिचारिकाएं तथा स्वास्थ्य कर्मियों की व्यवस्था की गई है. ओपीडी में आने वाले मरीजों के उपचार की व्यवस्था हॉस्पिटल के अलग फ्लोर पर की गई है, ताकि सामान्य मरीजों को कोरोना संक्रमण का भय ना हो. वहीं, कोरोना पेशेंट को मात्र 3750 रु प्रतिदिन के शुल्क पर 7 बार रोगप्रतिकारक आहार, लाइब्रेरी सुविधा सुविधा, विशेष चिकित्सकों द्वारा समय-समय पर जांच के साथ ही अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं. मध्यभारत में श्री राधाकृष्ण हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा नागपुर महानगरपालिका और सरकारी दरों से निर्धारित शुल्क से भी कम दरों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

    हॉस्पिटल की मैनेजमेंट कमेटी
    इसमें सर्वश्री गोविंद पोद्दार (अध्यक्ष), रामदत्त गोयल (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), हरीश गंगाराम अग्रवाल (उपाध्यक्ष), ऋषि खूंगर (सचिव), शरद टावरी (कोषाध्यक्ष), हरिराम राठी (ट्रस्टी), शिव कुमार अग्रवाल (ट्रस्टी), अंजनीकुमार पोद्दार (ट्रस्टी), पवन कुमार पोद्दार (ट्रस्टी), मनोज अग्रवाल (ट्रस्टी), मथुरा प्रसाद गोयल (ट्रस्टी), अनिल क्याल (ट्रस्टी), रतन लाल अग्रवाल (वित्त समिति अध्यक्ष), कन्हैयालाल मानधना (सिविल मेंटेनेंस अध्यक्ष), शिव कुमार गुप्ता (कोऑर्डिनेटर) और जगदीश गुप्ता रक्त बैंक के अध्यक्ष हैं. यहां नई यंत्र प्रणाली की भी सुविधा है. सहयोगी संस्थाओं में राधा कृष्ण मंदिर ट्रस्ट, राधा कृष्ण चैरिटेबल ट्रस्ट, शिव प्रसाद पोद्दार चैरिटेबल ट्रस्ट और श्याम रसोई है. सलाहकारों में सर्वश्री श्रेयांश डोनगांवकर, मोहनबाबू अग्रवाल, बीसी भरतिया, रविंद्र गनेड़ीवाल और एड. जगदीश अग्रवाल शामिल हैं.

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