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    Published On : Sat, Jan 30th, 2021
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    गोंदिया BGW अस्पताल की टूटी दीवार बनी अवैध रास्ता

    अस्पताल प्रशासन की विफलता से महिला मरीजों में असुरक्षा

    गोंदिया। छेड़खानी की घटनाएं सर चढ़कर बोल रही सिर्फ शारीरिक तौर पर ही नहीं बल्कि अश्लील कमेंट के शब्दों से भी महिलाओं को परेशान किया जा रहा।

    सिर्फ कानूनों से महिलाओं पर बढ़ रहे अपराधों पर लगाम नहीं लगाया जा सकता बल्कि नजरिए में बदलाव की जरूरत है ।
    कितने ऐसे अपराध है जिनके लिए हमारे कानून में सज़ा का कोई प्रावधान तक नहीं है , कभी महिलाओं को भद्दे कमैंट्स से मानसिक रूप से तनाव मिलता है तो कभी उन्हें मनचलों की बदसलूकी से अपमानित होना पड़ता है ऐसा लगता है मानो सामाजिक मूल्य छिन्न-भिन्न हो गए हैं ।

    विशेष उल्लेखनीय है कि इन अपराधों के खिलाफ न तो बीजीडब्ल्यू अस्पताल प्रशासन की पुलिस चौकी से कोई तत्परता पूर्वक कदम उठाया जाता है और ना ही अस्पताल प्रशासन स्वास्थ्य के साथ महिला मरीजों के सुरक्षा प्रति ही सचेत है , जिला महिला अस्पताल प्रशासन की इसी विफलता के चलते महिला मरीजों के बीच अब असुरक्षा फैला रही है।

    अवैध रास्ता वारदात को अंजाम देने के बाद सुरक्षित भाग निकलने का साधन

    हम बात कर रहे हैं बाई गंगाबाई जिला महिला अस्पताल के उस टूटी दीवार की जो अस्पताल में असामाजिक तत्वों के दाखिल होने का अवैध रास्ता और वारदात को अंजाम देने के बाद सुरक्षित भाग निकलने का साधन बन गई है।

    महिला मरीज और उनके परिजनों के लिए मुसीबत का सबब बनी यह टूटी दीवार उड़ान पुल के नजदीक होने से यहां जगह-जगह टपरी वालों ने ठेला लगाकर फुटपाथ पर कब्जा कर रखा है ।

    कुछ दिन पूर्व अतिक्रमण हटाओ मुहिम चली तो यहां से ठेले हटाए गए अब वापस चाय , नाश्ता , बिरयानी , अंडा करी , चिकन , मटन , पावभाजी , चाइनीस फुड के ठेले लग चुके हैं।

    इन टपरियों पर दिनभर मवाली टाइप के बदमाशों का जमघट लगा रहता है जो अस्पताल आने वाले महिला मरीजों के लिए खासी परेशानी का सबब बन चुके हैं। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ,अस्पताल प्रशासन व पीडब्ल्यूडी ( सार्वजनिक बांधकाम विभाग ) से जल्द से जल्द दीवार को ठीक करने की मांग करते इस खुफिया और चोर रास्ते को बंद करने की गुहार लगाई गई है।

    उल्लेखनीय है कि टूटी दीवार जो अवैध रास्ता बन चुकी है इस जगह से बेसहारा जानवरों के अस्पताल में प्रवेश तथा विचरण करने से भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है जिससे अस्पताल में गंदगी फैलती है।

    शौचालय में गई थी महिला , मनचला बदमाश उसे घूर रहा था

    इसी टूटी दीवार से 5 फीट की दूरी पर बीजीडब्ल्यू अस्पताल परिसर के भीतर तीन फाइबर निर्मित महिला टॉयलेट बने हुए हैं।
    बताया जाता है कि बीजीडब्लू अस्पताल में भर्ती मरीज की महिला परिजन शौचालय गई थी उस वक्त एक मनचला बदमाश उसे घूर रहा था , इस अस्पताल के इस छोटे से गेट की टूटी दीवार की जगह से वह असामाजिक तत्व दाखिल हुआ था और शौचालय के पास घूमता नजर आया , भुक्तभोगी महिला ने इसकी शिकायत अस्पताल स्टाफ से की जिसपर कर्मचारियों ने उसे फटकार लगाई , पिटाई के डर से इस दौरान मौका पाकर वह बदमाश अस्पताल से भाग गया।
    सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार गांव देहात से आने वाले गरीब मरीजों के परिजनों पर धौंस दिखाकर उन्हें नशेड़ी और असामाजिक तत्व सांझ ढलते ही परेशान करने लगते हैं और टूटी दीवार से लगे इस टॉयलेट की ओर पहुंच जाते हैं।

    चैन स्नैचिंग जैसी घट चुकी है वारदात

    इसी बीजीडब्ल्यू अस्पताल परिसर में कुछ वक्त पूर्व दिनदहाड़े एक महिला के गले से सोने की चेन काटने का प्रयास करते हैं
    2 महिला उठाईगिरो को पकड़कर उनके कब्जे से सोने की चेन बरामद की गई थी।

    दरअसल इस अस्पताल में इसी टूटी दीवार के निकट कुछ म्यांमार से आये शरणार्थीयों ने तंबू डालकर डेरा जमा रखा है।
    बताया जाता है कि स्वास्थ्य जांच की चिट्ठी निकालते वक्त अक्सर यहां दिन में मरीजों की भारी भीड़ लगती है इसी भीड़ का फायदा उठा कर 2 महिला चोर भीड़भाड़ वाली कतार में लग गई हल्की धक्का-मुक्की के बीच मौका पाकर सोने की चैन कटर से काटने के प्रयास में वह सफल रही लेकिन चेन को गले से निकलते वक्त महिला मरीज को एहसास हो गया लिहाजा उसने शोर मचाया और उनके कब्जे से चोरी की गई चेन बरामद कर ली गई ।

    पूछताछ दौरान पकड़ी गई दोनों महिलाएं अच्छी तरह से हिंदी बोल पाने में सक्षम नहीं थी और वह इसी टूटी दीवार के रास्ते से अस्पताल परिसर में दाखिल हुई थी और उठाईगिरी में सफल होने पर इसी अवैध मार्ग से उनका भागने का इरादा था तब चेन खींचने के आरोप में पकड़कर उन्हें पुलिस के हवाले किया गया था।

    अब महिला मरीजों और उनके परिजनों की ओर से गुहार लगाते गोंदिया मेडिकल हॉस्पिटल के डीन डॉ. नरेश तिरपुड़े , जिला सिविल सर्जन भूषण रामटेके तथा पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यकारी अभियंता अब्दुल जावेद साहब से यह मांग की जा रही कि वे अपने कर्तव्य का पालन करें तथा अस्पताल की खामियों को दुरुस्त करने के लिए इस मसले को जल्द से जल्द हल करते हुए अस्पताल की इस टूटी दीवार को उठाकर यह खुफिया रास्ता शीघ्रता शीघ्र बंद करें ।

    – रवि आर्य


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