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    Published On : Sat, Jan 23rd, 2021
    nagpurhindinews | By Nagpur Today Nagpur News

    खनिकर्म महामंडल के लिए आरक्षित रेती घाटों पर हुई आर्थिक धांधली

    मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे,राजस्व मंत्री बालासाहेब थोरात से की गई जाँच की मांग,देखना यह हैं कि उक्त दोनों मंत्री राजस्व नुकसान मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं.

    नागपुर : पिछले फडणवीस सरकार क्र कार्यकाल में दुर्बल घटक के लाभार्थियों को निर्माणकार्यों के लिए और सरकारी प्रकल्पों के लिए रेती देने के उद्देश्य से महाराष्ट्र राज्य खनिकर्म महामंडल के लिए आरक्षित की गई चंद्रपुर जिले के हड़दा -3 (ब्रम्हपुरी), बोडधा (ब्रम्हपुरी), चिचगांव (ब्रम्हपुरी), अन्हेरवनगांव (चिखलधोकड़ा), ब्रम्हपुरी के रेती घाटों से महामंडल और चंद्रपुर जिला प्रशासन ने करोड़ों की रेती बाहर बेच दी,जिससे लाभार्थी प्रभावित हुए,इसके साथ ही राज्य सरकार को करोड़ों का राजस्व नुकसान भी हुआ.इस संगीन मामले की निष्पक्ष जाँच हेतु मुख्यमंत्री,राजस्वमंत्री से निवेदन की गई.

    याद रहे कि उक्त चारों रेती घाट सरकारी प्रकल्पों और योजनाओं के लिए आरक्षित की गई थी.इन चारों रेती घाटों में खनिकर्म महामंडल और चंद्रपुर जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से बड़ी हेराफेरी की गई .

    इस सन्दर्भ में निम्न मुद्दों पर गौर करने के साथ ही इन सभी मुद्दों की सूक्ष्म जाँच की नितांत आवश्यकता हैं.
    1. सरकारी निर्णय के अनुसार उक्त सभी रेती घाटों से उत्खनन महामंडल खुद करें या फिर सम्बंधित ग्रामपंचायत के मार्फ़त होनी चाहिए,वह भी रेती घाट निलामी के लिए तय शर्तों के आधार पर.शासन के अनुमति के बगैर न घाट संचलन करने हेतु किसी को दे सकते और न ही हस्तांतरण और न ही साझेदारी कर सकते।इसके बावजूद गुप्ता कंस्ट्रक्शन नागपुर को उक्त सभी रेती घाट चलाने के लिए खनिकर्म महामंडल ने दिया।
    2. गुपचुप रूप से महाराष्ट्र राज्य खनिकर्म महामंडल ने MDO(माइन डेवलपर कम ऑपरेटर) की नियुक्ति की.
    3. उक्त रेती घाटों  के निलामी के लिए महामंडल ने कब और कैसे और किन शर्तों पर का पालन किया,इसका जवाब महामंडल के पास नहीं।
    4. गर महामंडल ने उक्त रेती घाटों के लिए निविदा आमंत्रित की तो कितनी पार्टियों ने टेंडर में भाग लिया,इन सभी द्वारा जमा किये गए कागजातों की सूक्ष्म जाँच हो,जानकारी मिली कि भाग लेने वाले सभी ने एक सा रकम टेंडर में ‘कोट’ किया,सभी टेंडर फॉर्म के ही HAND WRITING से भरी गई.
    5. महामंडल ने सभी रेती घाटों से उत्खनन,परिवहन,लोडिंग के लिए रिज़र्व रेट ( OFFSET RATE) रखा था या नहीं,गर हाँ टी इसकी जाँच होनी आवश्यक हैं.
    6. उक्त सभी रेती घाट का ठेका लेने वाले GUPTA CONSTRUCTION द्वारा जमा BANK GUARANTEE और उसकी तिथि की जाँच से कई राज का खुलासा हो सकता हैं.यह भी जानकारी मिली की महामंडल ने बिना AGREEMENT के WORK ORDER दिए.यह भी पता चला कि WORKORDER के 3 माह बाद BANK GUARANTEE जमा करवाई गई.
    7. खनिकर्म महामंडल की ओर से ADDITIONAL COLLECTOR CHANDRAPUR को हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत किया गया,इस नियुक्ति प्रकरण की भी जाँच हो.
    8. महामंडल की ओर से वर्ष 2019 जून,जुलाई,अगस्त,सितंबर माह में उक्त सभी घाटों से की गई उत्खनन,परिवहन,बिक्री और शेष STOCK की जाँच भी जरुरी हैं.इस दौरान कुल कितने मजदूरों से काम लिया गया,उनका नाम,पता,आधार कार्ड नंबर और उन्हें दिया गया मेहनताना का ब्यौरा दिया जाए.
    9. उक्त सभी रेती घाटों से रेती उत्खनन कर उन्हें STOCK POINT तक लाने के लिए कितनी TRACTOR का उपयोग किया गया था.इन TRACTORS का नंबर,TRACTOR के मालिकों का नाम की जाँच हो,इन TRACTORS में GPS/RPID था या नहीं ?
    क्यूंकि 1 ही क्रमांक का ट्रैक्टर 1 ही समय में सभी रेत घाटों पर होने का मामला दर्ज किया गया हैं.उक्त रेती घाटों से STOCK POINT 1KM,2KM,13KM और 39KM दर्शाया गया.अर्थात रेती उत्खनन बाद अन्यत्र जगह बिक्री की गई,इसलिए सभी TRACTOR का GPS LOCATION जांचने की आवश्यकता हैं.
    10. महामंडल की ओर से वर्ष 2019 जून,जुलाई,अगस्त,सितंबर माह में उक्त सभी घाटों में लगाए गए CCTV फुटेज की जाँच हो.
    11.  महामंडल की ओर से वर्ष 2019 जून,जुलाई,अगस्त,सितंबर माह में उक्त सभी घाटों में बरसात के समय और बरसात के बाद का SAND STOCK की CCTV फुटेज की जाँच हो.
    12.उक्त घाटों से उत्खनन बाद किस दर से रेत बेची गई,इसका INVOICE की जाँच जरुरी हैं.
    13. उक्त सभी रेती घाटों के लिए दी गई BRASS ROYALTY के लिए SHAURYA INFOTECK TECHNOSOFT PVT. LTD. को दी गई रकम की जाँच भी जरुरी हैं.
    14. इसके लिए जारी TRADING LICENSE जारी करने के लिए अधिकृत किये गए अधिकारी का नाम और पद की जाँच
    15. मेसर्स गुप्ता कंस्ट्रक्शन को 4 माह के लिए उक्त सभी रेती घाटों से उत्खनन,परिवहन और बिक्री का ठेका/अनुमति दी गई,और शेष STOCK की जाँच हो.
    16. उक्त सभी घाटों की ENVORNMENT MINING PLAN और MINE CLOSE PLAN संदर्भ में किया गया व्यवहार की जाँच हो.
    17. उक्त सभी घाटों की निगरानी के लिए तैनात किये गए सुरक्षा-रक्षकों के नाम,आधार कार्ड,और उन्हें दिया गया भुगतान के नस्ती की जाँच हो.
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