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    Published On : Sun, Jan 10th, 2021

    ट्रांसपोर्टरों के द्वंद में DISPATCH 3 घंटे अटका

    – जिम्मेदार अधिकारियों की नाकामी पर महाप्रबंधक को मध्यस्थता करनी पड़ी,गंगा ट्रांसपोर्ट की मनमानी बढ़ती जा रही

    -नार्थ वणी/नागपुर – WCL की NORTH WANI AREA अंतर्गत कोलार पिम्परी खदान क्षेत्र के खदान प्रबंधक मेहता ने कल रात लगभग 7.30 बजे श्रमिक नेताओं और ट्रांसपोर्टरों को CHP क्षेत्र की ओर जाने से रोका,वह भी उस वक़्त जब 3 घंटा DISPATCH रुका हुआ था,कारण गंगा ट्रांसपोर्ट ने अपनी ट्रक CHP के आवाजाही मार्ग पर आड़ा लगा दिया था,जिसके कारण रोडसेल का DISPATCH थम गया था। रोकने की वजह यह थी कि महाप्रबंधक मामला सुलझाने के लिए खुद काफी देर तक घटनास्थल पर डटे थे,उनसे मेहता और बंसोड़ की शिकायत न कर दे श्रमिक नेता और ट्रांसपोर्टर इसलिए उन्हें गार्ड से कहकर रोक दिया गया था।

    याद रहे कि एक ही CHP में गंगा ट्रांसपोर्ट को 2 काम दिए गए,JOB-1( स्टॉक से CHP में क्रश करने के लिए कोयला UNLOAD करना) और JOB-2 (क्रश कोयला को LIFT कर रेलवे साइडिंग में डालना) इसके साथ ही PMS &STC JV (जो रोडसेल का काम कर रही ) को भी इसी क्षेत्र में ट्रांसपोर्टिंग का काम दिए जाने से आये दिन गंगा ट्रांसपोर्टर के साथ तकरार होती रहती हैं, नतीजा DISPATCH रुक जाता हैं।

    उक्त दोनों ट्रांसपोर्टर का विवाद समाप्त करने में प्रबंधक मेहता और नोडल अफसर बंसोड़ सिरे से असफल रहे। दूसरी ओर गंगा ट्रांसपोर्टर की हठधर्मिता से न सिर्फ WCL बल्कि दूसरा PMS &STC JV (जो रोडसेल का काम कर रही ) भी काफी परेशान हैं।

    उल्लेखनीय यह हैं कि WCL में किसी भी अधिकारी को 3 साल से ज्यादा एक क्षेत्र में कार्यरत रहने नहीं दिया जाता,जबकि मेहता 2 दशक से एक ही क्षेत्र में अपनी शैली से जमे हुए हैं, बीच में पूर्व महाप्रबंधक आर के सिंह ने उनका तबादला कर दिया था,फिर जुगाड़ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर वापिस अपने मनचाहे जगह लौट आए।

    यह भी उल्लेखनीय हैं कि COAL STOCK क्षेत्र में 2 सप्ताह पूर्व मिट्टी का ढेर देखा गया। बताया जा रहा कि रात में कोयले में मिलाकर सरकारी कंपनी जैसे महानिर्मिति को बेच दिया जाता। इन मिट्टी की पूछपरख होते ही मेहता 10 दिनों के लिए छुट्टी पर चले गए। क्योंकि मामला उपक्षेत्रीय प्रबंधक और महाप्रबंधक तक पहुंच चुका था। ऐसे में नए CMD का ध्येय और सपना सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा, जब तक कुंडली मार बैठे मेहता जैसे अधिकारी को हिलाया न जाए।

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