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    Published On : Thu, Dec 3rd, 2020

    CONTRACTOR REGISTRATION में PWD में हो रही धांधली

    – CE,SE,EE के शह पर JE कर रहा उगाही ,अपने करीबी SS पाटिल के RENEWAL या काम की सीमा बढ़ाने हेतु DOCUMENTS की नहीं की सूक्ष्म जाँच

    नागपुर : M/S ASHWINI INFRA MUMBAI – DC GURUBAKSHANI समूह द्वारा NMC PWD-CAFO को अपने वश में कर CEMENT ROAD PHASE-2 का TENDER सह PAYMENT SCAM अभी गर्माया हुआ था कि मनपा में एक और घोटाला सामने आया,वह यह कि PWD में इन दिनों CONTRACTOR REGISTRATION और RENEWAL  या काम की सीमा बढ़ाने के नाम पर खुलेआम धांधली शुरू हैं,जिसे सफल अंजाम विभाग के JE MANKAR दे रहे,जिन्हें CE,SE,EE का प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष वरदहस्त बतलाया जा रहा.
    मनपा में NEW CONTRACTOR REGISTRATION और RENEWAL करने का जिम्मा PWD को दिया गया.RENEWAL  या काम की सीमा बढ़ाने हेतु प्रत्येक 3 साल में किया जाना अनिवार्य हैं.
    CE अर्थात CITY ENGINEER को 3 से 10 लाख रूपए,SE अर्थात SUPRITENDENT ENGINEER को 15 से 50 लाख रूपए और NMC COMMISSIONER को 90 लाख से ऊपर का REGISTRATION का अधिकार हैं.
    मनपा के CE अर्थात CITY ENGINEER वासनिक हैं,लेकिन उनका अधिकार मनपा प्रशासन ने EE (PROJECT) सोनाली चौहाण को दे रखी हैं.जो की गैरकानूनी हैं.
    PWD में REGISTRATION का कामकाज देखने वाले JE MANKAR एक विवादास्पद कर्मी हैं,जो लक्ष्मी नगर जोन में कार्यरत रहते SUSPEND भी किये गए थे.जो इन दिनों CE,SE,EE की शह पर नए और पुराने ठेकेदारों को जो REGISTRATION/RENEWAL करवाने वालों को दिक्कत दे रहा,वह भी खासकर उन्हें जो मुंहमांगी घुस नहीं दे रहा.
    जैसे :- 
    – CLASS-1 के ठेकेदारों से मांग की जाने वाली DOCUMENT 3 से 5 लाख का REGISTRATION करवाने वाले ठेकेदारों से किया जा रहा.इनसे AUDITED BALANCE SHEET की मांग की जा रही,जबकि IT RULE कहती हैं कि 2 करोड़ व उससे ऊपर वालों के TURNOVER का ही AUDIT होता हैं.इसलिए नए और रिन्यूअल करने वाले ठेकेदार नहीं ला पा रहे,इसलिए उनका REGISTRATION/RENEWAL नहीं हो रहा.वहीं दूसरी ओर मनमाफिक घुस देने वाले ठेकेदार कंपनी का अविलंब REGISTRATION/RENEWAL हो रहा,जो उल्लेखनीय हैं.
    – नए रजिस्ट्रेशन करने हेतु वे प्राइवेट काम का अनुभव दिखा रहे तो उनसे किये गए कामों का PAYMENT PROOF माँगा जा रहा.
    – ARCHITECT के CERTIFICATE VERIFICATION के नाम पर छोटे-छोटे CONTRACTOR को सताया जा रहा.जिसके कारण REGISTRATION के लिए 1-1 साल लग रहे,जबकि SOLVENCY की मुद्दत 1 साल की होती हैं और इनके मनमानी रव्वैये से छोटे-छोटे CONTRACTORS का SOLVENCY LAPSE हो जा रहा.
    दूसरी और CE/SE के करीबी ठेकेदार कंपनी SS पाटिल का REGISTRATION/RENEWAL  या काम की सीमा बढ़ाने हेतु बिना VERIFICATION के किया गया,इनके प्रमाणपत्र अन्य शहरों से सम्बंधित थे,जिनका उन शहरों से जाँच-पड़ताल नहीं किया गया.
    दरअसल SE MANOJ TALEWAR मनपा के मूल अधिकारी हैं और तथाकथित CITY ENGINEER ( CHAUHAN ) और CE UPADHYAYA एक बाहरी अधिकारी हैं,इनके लिए JE MANKAR ही सभी व्यवहार संभालता हैं.वहीं LOCAL OFFICER कोई भी DEAL खुद ही करता हैं.
    NIT की SE और NMC CE 
    NAGPUR INPROVMENT TRUST (NIT) की SE को ADDITIONAL CHARGE देकर NMC का CE का अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई.इसलिए NIT में ज्यादा और NMC में महत्वपूर्ण व्यवहार/काम के वक़्त ही नज़र आती हैं.NMC में इनकी बराबरी के SE MANOJ TALEWAR हैं,TALEWAR के ऊपर NIT के SE को बैठा दिया गया.TALEWAR से जुड़ी जाँच समिति में भी NIT के SE को स्थान दिया गया,जबकि दोनों बराबरी के अधिकारी हैं.
    दूसरी ओर ADDITIONAL CHARGE होने के कारण मूल रूप से EE PROJECT/WATER WORKS बनर्जी को मनपा प्रशासन ने मनपा में SE बना दिया।दोनों की आपस में बनती नहीं,नतीजा दोनों के आपसी तनातनी में कामकाज और फाइलों पर पड़ रहा,ठेकेदार वर्ग अड़चन गए.बैनर्जी तो उपाध्याय की एक नहीं सुनती ?
    NMC में बाहरी OFFICER का दबदबा 
    मनपा में उपायुक्त से लेकर मनपायुक्त तक और कुछ EE,CE,CAFO,TOWN PLANNING HOD सभी के सभी बाहरी अधिकारी हैं.मनपा का मूल अधिकारी एक भी उपायुक्त स्तर तक नहीं हैं.कहने को कुछ WARD OFFICER (PRAKASH,MAHESH,MORONE ) उपायुक्त स्तर के पद पर विराजमान हैं,जबकि इनकी नियुक्ति ही WARD OFFICER पद के लिए हुई और सेवानिवृत्त भी इसी पद पर होने का नियम था लेकिन इन्होंने पदाधिकारियों को अपने वश में कर अपने में से कुछ को उपायुक्त पद तक पहुँचाने में बड़ी सफलता हासिल की,नतीजा आज एक भी मनपा का मूल अधिकारी उपायुक्त पद पर पिछले कुछ साल से नहीं हैं.
    उल्लेखनीय यह हैं कि आये दिन मनपा में जड़े जमा चुकी मामले की परत दर परत खुलती जा रही,इससे मनपा को काफी आर्थिक नुकसान हो रहा,क्यूंकि बाहरी अधिकारियों को मनपा की आय बढ़ाने  खुद की चिंता ज्यादा सता रही और कुछ विभागों के विभाग प्रमुख जो मूल रूप से वार्ड अधिकारी हैं,वे अपने अड़ियल रवैय्ये से मनपा का आर्थिक नुकसान कर रहे.
    मनपा की आय तभी संभव हैं जब आय के प्रमुख स्त्रोत वाले विभाग संपत्ति कर,जल कर,नगर रचना विभाग,बाजार विभाग में बड़े पैमाने पर तबादला सह समीक्षा होगा,अन्यथा दिनों दिन मनपा की आर्थिक हालात और जर्जर होती जाएगी।
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