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    Published On : Fri, Jan 8th, 2021

    मुख्यमंत्री कार्यालय गंभीर, जिलाधिकारी निष्क्रिय

    मामला उमरेड तहसील स्थित सरकारी जमीन की अवैध रूप से खरीद-बिक्री का, लगभग 1 साल से मामले को नज़रअंदाज कर रहे नागपुर के जिलाधिकारी रविंद्र ठाकरे

    नागपुर: उमरेड तहसील अंतर्गत मौजापीटीचुवा के खसरा क्रमांक ६, ८, १२,३१, ३२,३३,३५, ३६,३९,४२,४२, ४४,३८,४३,४५,४८, ४६,६३,४६,४७, ४९,७९,६४,६५, ६६,७४, ८२,८९,९३,८४/१,८४/२,८४/३,८४/४,८७,९४,१०८,११२,११३,१५५,११६,१२१,व १२९ अंतर्गत वर्ग-२ में शामिल भूखंड कीखरीदी-बिक्री में हुई धांधली पर NAGPUR TODAY ने पिछले वर्ष १७ जनवरी २०२० को प्रत्यक्ष रूप से सबूत सह इस मामले पर जिलाधिकारी रविंद्र ठाकरे का ध्यानाकर्षण करवाया गया और उच्च स्तरीय उच्च स्तरीय जाँच करने मांग भी की थी.लेकिन तब से जिलाधिकारी नाना प्रकार के बहाने बना कर उक्त गंभीर मामले को नज़रअंदाज करते आ रहे,नतीजा वाहतूक सेना के पदाधिकारी लालसिंह ठाकुर ने उक्त मामले को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय का ध्यानाकर्षण करवाया।तो मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिलाधिकारी को अविलंब जाँच के आदेश दिए और इसकी रिपोर्ट शिकायतकर्ता सह मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजने का निर्देश दिया।बावजूद इसके आजतक जाँच शुरू नहीं हुई,उमरेड SDO द्वारा जिलाधिकारी को तवज्जों नहीं दी जा रही.

    जनवरी के अंतिम सप्ताह में जिलाधिकारी ठाकरे ने भी तत्काल गंभीरता दिखाते हुए निष्पक्ष जाँच करने का आश्वासन दिया।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार मौजा पीटीचुवा के खसरा क्रमांक
    ६,८,१२,३१,३२,३३,३५,३६,३९,४२,४२,४४,३८,४३,४५,४८,४६,६३,४६,४७,४९,७९,६४,६५,६६,७४,८२,८९,९३,८४/१,८४/२,८४/३,८४/४,८७,९४,१०८,११२,११३,१५५,११६,१२१,व १२९ के भूखंड की खरीदी-बिक्री में उमरेड तहसील के सम्बंधित पटवारी द्वारा बगैर जाँच के ७/१२ पर मेसर्स एमके हाउसरियल एस्टेट के माणिकराव दयारामजी वैद्य के नाम पर चढ़ाया गया.दूसरी ओर कार्यालयीनरिकॉर्ड से इस बाबत खरीदी-बिक्री के दस्तावेज जानबूझकर गायब कर दिया गया हैं.तहसीलउमरेड द्वारा पारित आदेश दिनांक १२-१२-२००८ के बाद भी उक्त भूखंडों कीखरीदी-बिक्री मेसर्स एमके हाउस रियल एस्टेट ( माणिकरावदयाराम वैद्य की मृत्यु बाद ) के जिम्मेदार प्रतिनिधि द्वारा आज भी हैं जो कि पूर्णतः अवैध व सरकारी आदेश की पूर्ण अवमाननादर्शित करती हैं.

    उक्त मामले की उच्च अधिकारी मार्फ़त सूक्ष्म जाँच कर संबंधितों पर कानून में प्रावधानसजा/जुर्माना कर प्रभावितों को न्याय देने की विनंती की गई.इस सम्बन्ध में जिलाधिकारी ठाकरे को अधिवक्ता पत्र,निवासी उपजिलाधिकारी को तहसीलदार,उमरेड द्वारा लिखा गया पत्र,रेवेन्यू अपील क्रमांक ४७/आरटीएस/५९/२०१२,राजस्व अपीलक्रमांक १४/आरटीएस-५९/२००९-१० में दिनांक ३०-११-२०११ को पारित आदेश ,राजस्व अपील क्रमांक १४/आरटीएस-५९/२००८-९ में तहसीलदार,उमरेड द्वारा दिनांक १२-१२-२००८ को पारित आदेश की प्रत दी गई.उल्लेखनीय यह हैं कि जनवरी के अंतिम सप्ताह में दिए गए उक्त प्रकरण पर आज तक कोई ठोस जवाब जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा नहीं दिया गया.

    उल्लेखनीय यह हैं कि १७ फरवरी तक कोई कार्रवाई नहीं की,नियमित FOLLOW UP के बाद १८ फरवरी की सुबह जिलाधिकारी का संदेशा आया कि उमरेड के SDO को जाँच का निर्देश दिए.इसके बाद भी महीनों बीत जाने बाद जब कोई ठोस जवाब नहीं आया तो पुनः जिलाधिकारी से संपर्क किया गया और जिलाधिकारी ने तुरंत मुलाकात करने का निर्देश दिया।तब उन्होंने फिर से निवेदन लाने का निर्देश दिया,आनन्-फानन में उक्त निवेदन लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात की तो तब उन्होंने SDO को निवेदन सह दस्तावेज भेज जाँच कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

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